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आंदोलन से भूमिपूजन तक: जिस सड़क के लिए ग्रामीण उतरे थे सड़क पर, अब शुरू होगा 3.76 करोड़ का निर्माण

कवर्धा। करीब तीन महीने पहले जिस बंशापुर–प्राणखैरा–धौराबंद सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय का घेराव कर आंदोलन किया था, उसी बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना का अब भूमिपूजन हो गया है। पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने 3 करोड़ 76 लाख 23 हजार रुपए की लागत से बनने वाली सड़क का भूमिपूजन कर इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

गौरतलब है कि 11 मार्च को सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से बंद रहने और टेंडर निरस्त होने से नाराज सैकड़ों ग्रामीण PWD कार्यालय पहुंच गए थे। महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने कार्यालय का घेराव कर धरना दिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि राजनीतिक दबाव के कारण टेंडर निरस्त किया गया, जिससे निर्माण कार्य ठप पड़ गया और क्षेत्र के विकास पर असर पड़ा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी थी।

ग्रामीणों ने तब चेतावनी दी थी कि यदि सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। बाद में विभाग ने लिखित आश्वासन दिया था कि नई टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, जिसके बाद आंदोलन स्थगित किया गया था।

अब उसी सड़क परियोजना के लिए विधायक भावना बोहरा ने भूमिपूजन किया है। 2.312 किलोमीटर लंबी इस सड़क में पुल-पुलिया निर्माण भी शामिल है। सड़क बनने से धौराबंद, आमादाह, बंशापुर और प्राणखैरा सहित आसपास के गांवों के लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से कवर्धा, बोड़ला और रायपुर आने-जाने की दूरी कम होगी तथा समय और खर्च दोनों की बचत होगी।

भूमिपूजन कार्यक्रम में विधायक भावना बोहरा ने कहा कि यह क्षेत्रवासियों की लंबे समय से लंबित मांग थी। सड़क निर्माण से आवागमन बेहतर होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है।

हालांकि भूमिपूजन के बाद भी क्षेत्रवासियों की नजर अब निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता पर टिकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों की मांग और आंदोलन के बाद परियोजना शुरू हुई है, इसलिए अब यह जरूरी है कि निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरा हो और लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।

क्षेत्र के लोगों का मानना है कि भूमिपूजन से एक महत्वपूर्ण शुरुआत हुई है, लेकिन इस परियोजना की वास्तविक सफलता सड़क के समय पर और गुणवत्तापूर्ण निर्माण से ही तय होगी।

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