कवर्धा विशेषछत्तीसगढ़ प्रादेशिक

संजीवनी 108 एम्बुलेंस में गूंजी दोहरी किलकारी, रास्ते में हुआ जुड़वा बच्चों का सुरक्षित जन्म

मुंगेली/कवर्धा। संजीवनी 108 एम्बुलेंस सेवा एक बार फिर जीवन रक्षक साबित हुई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में गर्भवती महिला की प्रसव पीड़ा अचानक बढ़ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एम्बुलेंस में मौजूद प्रशिक्षित टीम ने तत्काल प्रसव कराया। महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। एम्बुलेंस कर्मचारियों की सूझबूझ और तत्परता से जच्चा और दोनों नवजात सुरक्षित हैं।

जानकारी के अनुसार सीमा खूंटे, पति पुराण खूंटे, निवासी पवनी को प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय मुंगेली ले जाया जा रहा था। रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा तेज होने पर तत्काल डिलीवरी कराना आवश्यक हो गया। ऐसे में संजीवनी 108 एम्बुलेंस में तैनात ईएमटी प्रदीप चंद्रवंशी ने पायलट शिव कुमार चंद्रवंशी के सहयोग से एम्बुलेंस में ही सफलतापूर्वक प्रसव कराया। महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इसके बाद जच्चा और दोनों नवजातों को सुरक्षित जिला चिकित्सालय मुंगेली पहुंचाकर भर्ती कराया गया, जहां तीनों की हालत सामान्य बताई जा रही है।

चलती एम्बुलेंस में जुड़वा बच्चों का सुरक्षित प्रसव कराना किसी भी आपातकालीन चिकित्सा टीम के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसे कठिन समय में ईएमटी प्रदीप चंद्रवंशी ने अपने अनुभव, धैर्य और चिकित्सकीय दक्षता का परिचय देते हुए पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया। वहीं पायलट शिव कुमार चंद्रवंशी ने भी पूरी सावधानी और समन्वय के साथ एम्बुलेंस का संचालन करते हुए टीम का सहयोग किया। दोनों की त्वरित निर्णय क्षमता, सूझबूझ और उत्कृष्ट टीमवर्क के कारण जच्चा और दोनों नवजात पूरी तरह सुरक्षित रहे।

कवर्धा 108 जिला अधिकारी कीर्ति कौशिक ने बताया कि संजीवनी 108 सेवा लगातार आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस में तैनात प्रशिक्षित ईएमटी और पायलट हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहते हैं। समय पर लिए गए निर्णय, बेहतर प्रशिक्षण और टीमवर्क के कारण इस तरह की जटिल परिस्थितियों में भी सुरक्षित प्रसव संभव हो पाता है।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि प्रसव, दुर्घटना या किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति में बिना देर किए 108 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें, ताकि मरीजों को रास्ते में ही आवश्यक चिकित्सकीय सहायता मिल सके और उन्हें सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया जा सके।

स्थानीय लोगों ने भी 108 एम्बुलेंस टीम की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में संजीवनी 108 सेवा किसी वरदान से कम नहीं है। समय पर पहुंचने वाली यह सेवा न केवल मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाती है, बल्कि जरूरत पड़ने पर रास्ते में ही जीवन रक्षक उपचार और सुरक्षित प्रसव जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी निभाकर लोगों की जान बचा रही है।

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