कवर्धा विशेषपड़तालपब्लिक चॉइस

एक प्रबंधक… तीन केंद्र… 81 लाख की गड़बड़ी: धान खरीदी में नया खुलासा, अब बड़े जिम्मेदारों पर उठे सवाल

कवर्धा। कबीरधाम जिले की धान खरीदी व्यवस्था में अनियमितताओं की परतें लगातार खुल रही हैं। बम्हनी (समनापुर) केंद्र में 77.26 लाख रुपए की गड़बड़ी के बाद अब सहसपुर लोहारा, बासिनझोरी और बिरनपुर कला धान खरीदी केंद्रों में 81.19 लाख रुपए की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आई है। संयुक्त जांच के आधार पर समिति प्रबंधक सहित छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने न केवल धान खरीदी व्यवस्था, बल्कि उसकी निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के संयुक्त जांच दल ने 18 जून को तीनों उपार्जन केंद्रों का भौतिक सत्यापन किया। जांच में रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध स्टॉक का मिलान करने पर 2,441.92 क्विंटल धान तथा 21,982 खाली बारदाने कम मिले। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इससे शासन को 81 लाख 19 हजार 502 रुपए की आर्थिक क्षति हुई है।

तीनों केंद्रों की कमान एक ही प्रबंधक के हाथ में

जांच रिपोर्ट के मुताबिक सहसपुर लोहारा, बासिनझोरी और बिरनपुर कला तीनों खरीदी केंद्रों का संचालन समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी के अधीन था। बिरनपुर कला और सहसपुर लोहारा में वे प्रबंधक के साथ खरीदी प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। ऐसे में तीन अलग-अलग केंद्रों में एक जैसी अनियमितताओं का सामने आना जांच एजेंसियों के लिए भी अहम बिंदु माना जा रहा है।

तौल पत्रकों ने खोली गड़बड़ी की परत

जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे तौल पत्रक मिले, जिन पर केवल किसानों के हस्ताक्षर थे। खरीदी प्रभारी, फड़ प्रभारी और तौलकों के हस्ताक्षर वाले कॉलम खाली पाए गए। जांच दल का मानना है कि जिम्मेदारी तय होने से बचने के लिए आवश्यक हस्ताक्षर जानबूझकर नहीं किए गए। इससे धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ गए हैं।

किस केंद्र में कितनी कमी

  • बासिनझोरी : 585.98 क्विंटल धान और 4,130 बारदाने कम।
  • बिरनपुर कला : 1,032.36 क्विंटल धान और 5,777 बारदाने कम।
  • सहसपुर लोहारा : 823.58 क्विंटल धान और 12,075 बारदाने कम।

इन तीनों केंद्रों में कुल 2,441.92 क्विंटल धान और 21,982 बारदाने की कमी दर्ज की गई।

छह लोगों पर एफआईआर

पुलिस ने समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी, फड़ प्रभारी बलदाऊ डड़सेना और तुकाराम साहू तथा कंप्यूटर ऑपरेटर बिहारी राम साहू, पीलूराम साहू और महावीर साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(5) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

54 हजार क्विंटल धान का सवाल अभी बाकी

युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव आकाश केशरवानी ने दावा किया है कि जिले में अभी भी 54 हजार क्विंटल से अधिक धान का हिसाब बाकी है। उनका आरोप है कि यदि संग्रहण केंद्रों और राइस मिलों के भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट सार्वजनिक होती है तो कथित अनियमितताओं का दायरा 60 करोड़ रुपए से अधिक तक पहुंच सकता है।

हालांकि यह दावा राजनीतिक बयान के रूप में सामने आया है और इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सबसे बड़ा सवाल निगरानी तंत्र पर

धान खरीदी केंद्रों में प्रतिदिन ऑनलाइन एंट्री, स्टॉक सत्यापन, परिवहन, बारदानों का लेखा-जोखा और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था है। इसके बावजूद यदि हजारों क्विंटल धान और हजारों बारदाने कम मिल रहे हैं तो सवाल केवल खरीदी प्रभारी या कंप्यूटर ऑपरेटर तक सीमित नहीं रह जाता। यह भी जांच का विषय है कि निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों ने समय रहते अनियमितताओं को क्यों नहीं पकड़ा।

नियम क्या कहते हैं

धान उपार्जन नीति 2025-26 के अनुसार यदि धान की कमी, भंडारण में गड़बड़ी या किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो खरीदी प्रभारी को तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित सूचना देना अनिवार्य है। जांच में ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसे नीति और अनुबंध की शर्तों का गंभीर उल्लंघन माना गया है।

आगे क्या

जिला प्रशासन का कहना है कि जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या जांच केवल खरीदी केंद्रों तक सीमित रहेगी या निगरानी और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Discover more from THE PUBLIC NEWS

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading