एक ही घर की तीन बहनों ने साथ में पास की NEET, अब डॉक्टर बनकर करेंगी समाज की सेवा

किरण, ज्योति और सुमन की सफलता से परिवार में खुशी; उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नेउर गांव पहुंचकर दी बधाई
कवर्धा। एक ही घर की तीन बहनों ने एक साथ नीट परीक्षा पास कर परिवार ही नहीं, पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कबीरधाम जिले के नेउर गांव की किरण, ज्योति और सुमन महोबिया ने इस वर्ष नीट परीक्षा में सफलता हासिल की है। तीनों की इस उपलब्धि पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा रविवार को उनके घर पहुंचे और छात्राओं व उनके माता-पिता से मुलाकात कर बधाई दी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही परिवार की तीन बहनों का एक साथ मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफल होना पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बीच गांव में रहकर बड़े लक्ष्य की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को इन तीनों बहनों की सफलता से प्रेरणा मिलेगी।
घर पर ऑनलाइन पढ़ाई कर हासिल किया मुकाम
तीनों बहनों ने घर पर रहकर ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से नीट की तैयारी की। पढ़ाई के दौरान तीनों एक-दूसरे की मदद करती रहीं और लगातार अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।
खास बात यह है कि ज्योति और सुमन ने अपने पहले ही प्रयास में नीट परीक्षा पास की, जबकि बड़ी बहन किरण ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की।
ज्योति और सुमन ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बोड़ला से स्कूली शिक्षा पूरी की है। वहीं किरण ने सरस्वती शिशु मंदिर, पांडातराई से पढ़ाई की है।
उपमुख्यमंत्री ने पूछा- कैसे की तैयारी?
मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तीनों छात्राओं से उनकी स्कूली पढ़ाई, नीट की तैयारी और आगे होने वाली काउंसलिंग के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के बाद भी इसी तरह मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई जारी रखने की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने छात्राओं के माता-पिता श्रीमती भगवती महोबिया और श्री राम महोबिया से भी मुलाकात कर तीनों बेटियों की सफलता के लिए बधाई दी।
डॉक्टर बनकर क्षेत्र की सेवा का दिया संदेश
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर बनने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में काम कर अनुभव हासिल करें, लेकिन अपने गांव, क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव हमेशा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि अपनी शिक्षा और अनुभव का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सेवा में करने का प्रयास करें, ताकि उनकी सफलता का लाभ समाज तक भी पहुंचे।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गांव से ऑनलाइन पढ़ाई, तीन बहनों की एक साथ सफलता और मेडिकल क्षेत्र में कदम रखने का सपना—नेउर गांव की इन तीनों बहनों की कहानी अब क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देख रहे हैं।



