
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के हाई सिक्योरिटी राज्य सचिवालय नबन्ना में खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की वरिष्ठ अधिकारी बताकर पहुंची एक महिला को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। महिला की पहचान आकांक्षा विद्यार्थी के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने फर्जी पहचान के जरिए राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री अजय कुमार पोद्दार से मुलाकात का समय लिया और नबन्ना स्थित उनके कार्यालय तक पहुंच गई।
घटना 30 सितंबर की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक महिला ने मंत्री के सचिव को ई-मेल भेजकर मुलाकात का समय मांगा था। उसने खुद को PMO की अधिकारी बताया था। तय समय पर वह नबन्ना पहुंची और मंत्री से मुलाकात की। बातचीत के दौरान मंत्री को महिला के परिचय और उसके दावों में कुछ विसंगतियां नजर आईं। मंत्री ने उसकी पहचान और PMO में पद से जुड़े सवाल किए। इसके बाद महिला वहां से निकल गई।
महिला के जाने के बाद अधिकारियों ने उसके PMO अधिकारी होने के दावे का सत्यापन कराया। PMO से संपर्क करने पर उसके अधिकारी होने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद PWD की ओर से शिवपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नबन्ना से निकलने के बाद महिला कोलकाता एयरपोर्ट पहुंची और वहां से दिल्ली चली गई। पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद हावड़ा सिटी पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची और मध्य दिल्ली के आनंद पर्वत थाना क्षेत्र स्थित एक फ्लैट से महिला को गिरफ्तार किया।

दिल्ली की अदालत में पेश किए जाने के बाद महिला को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल ले जाने की कार्रवाई की गई।
पुलिस की शुरुआती जांच में महिला का एक अन्य कनेक्शन भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि कूचबिहार का एक कारोबारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल के निर्माण से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए महिला के संपर्क में आया था। आरोप है कि महिला ने खुद को PMO अधिकारी बताकर अपनी पहुंच और प्रभाव का दावा किया था।
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि महिला ने अपनी कथित पहचान और प्रभाव का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि महिला ने नबन्ना में प्रवेश के लिए किस तरह की पहचान या दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था।
इसके अलावा पुलिस महिला के संपर्क में रहे लोगों और इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति या संगठित गिरोह की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस सोशल मीडिया पर महिला की ओर से वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ साझा की गई तस्वीरों समेत अन्य जानकारियों की भी जांच कर रही है।
नबन्ना में कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों और मंत्रियों के कार्यालय हैं। ऐसे में फर्जी PMO अधिकारी बनकर महिला का मंत्री के कार्यालय तक पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, इस मामले में सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी और महिला का वास्तविक मकसद क्या था, यह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पुलिस महिला से पूछताछ कर उसके PMO अधिकारी होने के दावे, नबन्ना में प्रवेश के तरीके, संपर्कों और संभावित मकसद की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।





