ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन, राहुल गांधी बोले- ‘ज्ञानेश जाएंगे और उन्हें बैठाने वाला सिस्टम भी जाएगा’

नई दिल्ली। गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग की।
इन प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि हजारों युवा शांतिपूर्वक अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सड़कों पर हैं। राहुल गांधी के अनुसार प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि बापू ने सच बोलने और शांति से लड़ने की सीख दी थी। राहुल गांधी ने कहा कि लाठी के जरिए भीड़ को रोका जा सकता है, लेकिन सवालों को नहीं रोका जा सकता।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा, “ज्ञानेश कुमार जाएंगे और उन्हें बैठाने वाला सिस्टम भी जाएगा।” यह राहुल गांधी का राजनीतिक बयान है।
दिल्ली में जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन
दिल्ली में जंतर-मंतर के पास विभिन्न विपक्षी दलों और छात्र-युवा संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शन में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, CPI(M) महासचिव एमए बेबी, AAP नेता सौरभ भारद्वाज और संजीव झा समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया। अलग-अलग रिपोर्टों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या अलग-अलग बताई गई है।
मुंबई में भी प्रदर्शन
मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से भी प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। संगठन की ओर से कहा गया कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे को लेकर आंदोलन को देश के अन्य शहरों तक ले जाने की योजना है।

प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में बदलाव और SIR की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारी संगठनों की ओर से लगाए गए इन आरोपों का चुनाव आयोग और सरकार की ओर से खंडन किया गया है।
SIR को लेकर क्या है विवाद?
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विवाद चल रहा है। प्रदर्शनकारियों और विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। उनका कहना है कि इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
दूसरी ओर, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण और सत्यापन चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलतियों को दूर करना है।
इसी मुद्दे को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। दिल्ली और मुंबई में हुए प्रदर्शनों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
फिलहाल SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। आगे इस मामले में चुनाव आयोग और संबंधित संस्थाओं की ओर से आने वाले आधिकारिक बयानों तथा निर्णयों पर सभी की नजर रहेगी।






