चर्चा में हैछत्तीसगढ़ प्रादेशिकहाईलाइट्स

हाथ जोड़कर माफी मांगता रहा टोलकर्मी, फिर भी नहीं रुकी मारपीट; मंत्री के काफिले की गाड़ी पर गिरा था टोल बूम

लहपटरा टोल प्लाजा का VIDEO वायरल: पहले PA पर लगा मारपीट का आरोप, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया खंडन; बोलीं- वीडियो में दिख रहा व्यक्ति मेरा ड्राइवर

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मंत्री के काफिले से जुड़े टोल प्लाजा विवाद ने तूल पकड़ लिया है। नेशनल हाईवे-130 स्थित लहपटरा टोल प्लाजा पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के काफिले की गाड़ी पर बूम बैरियर गिरने के बाद टोल कर्मचारी से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें एक व्यक्ति टोल कर्मचारी के साथ मारपीट करता दिखाई दे रहा है, जबकि कर्मचारी हाथ जोड़कर माफी मांगता नजर आ रहा है।

बूम बैरियर गिरने से शुरू हुआ विवाद

रिपोर्टों के मुताबिक घटना 2 सितंबर की देर रात करीब 12 से 12:30 बजे की है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बिलासपुर से अंबिकापुर की ओर जा रही थीं। उनके काफिले में दो वाहन थे।

काफिले की आगे चल रही इनोवा टोल बैरियर पार कर गई। इसके बाद स्वचालित सिस्टम से बूम बैरियर नीचे आया और पीछे आ रही मंत्री की फॉर्च्यूनर के ऊपर गिर गया। इससे वाहन को नुकसान पहुंचा। इसके बाद विवाद शुरू हुआ।

हाथ जोड़कर माफी मांगता रहा कर्मचारी

वायरल CCTV फुटेज में टोल कर्मचारी के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है। रिपोर्टों के अनुसार कर्मचारी अपनी गलती नहीं होने की बात कहते हुए माफी मांगता रहा और हाथ जोड़कर खड़ा रहा। इसके बावजूद उसके साथ थप्पड़ मारने और दुर्व्यवहार का आरोप है। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव किया।

पहले PA पर लगा था आरोप

घटना सामने आने के बाद शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में मारपीट करने वाले व्यक्ति की पहचान मंत्री के निजी सहायक ओम प्रकाश राजवाड़े के रूप में बताई गई। पीड़ित टोल कर्मचारी के पक्ष से भी PA पर मारपीट का आरोप लगाए जाने की खबरें सामने आईं। मामले को लेकर टोल कर्मचारी और ग्रामीण लखनपुर थाने पहुंचे और शिकायत दी।

मंत्री ने कहा- PA नहीं, ड्राइवर था

विवाद बढ़ने के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सफाई दी है। उन्होंने अपने PA पर लगे आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनके निजी सहायक की मारपीट में कोई भूमिका नहीं थी।

मंत्री के मुताबिक वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति उनका ड्राइवर है। उन्होंने यह भी कहा कि टोल बैरियर गिरना तकनीकी या मानवीय त्रुटि हो सकती है, लेकिन ऐसी गलती के बदले किसी नागरिक या कर्मचारी के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

मंत्री बोलीं- कर्मचारी को मैं माफ करती हूं

मंत्री ने कहा कि बूम बैरियर गिरने की घटना तकनीकी या मानवीय गलती हो सकती है और वह टोल कर्मचारी को इसके लिए पूरी तरह माफ करती हैं। साथ ही उन्होंने ड्राइवर के व्यवहार को अशोभनीय बताते हुए कहा कि ऐसा आचरण स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने टोल कर्मचारी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उसका हाल-चाल जानने की बात भी कही है।

टोलकर्मी ने थाने में दी शिकायत

घटना के बाद टोल कर्मचारी ग्रामीणों और अन्य कर्मचारियों के साथ लखनपुर थाने पहुंचा। मामले में शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है।

आखिर क्यों गिरा बूम बैरियर?

टोल कर्मचारियों के अनुसार काफिले में फॉलो वाहन नहीं होने के कारण पीछे आ रही फॉर्च्यूनर को टोल कर्मचारी मंत्री के वाहन के रूप में पहचान नहीं सके। आगे चल रही गाड़ी के निकलने के बाद स्वचालित सिस्टम से बूम नीचे आया और पीछे आ रही गाड़ी से टकरा गया।

हालांकि बूम बैरियर किस तकनीकी या मानवीय कारण से नीचे आया और विवाद के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ, इसकी पूरी स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

अब सवाल मारपीट पर कार्रवाई का

एक तरफ मंत्री ने अपने ड्राइवर के व्यवहार को गलत और अशोभनीय बताया है, वहीं दूसरी तरफ टोल कर्मचारी के साथ हुई कथित मारपीट को लेकर पुलिस शिकायत की गई है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि लखनपुर पुलिस जांच में किसे जिम्मेदार मानती है और शिकायत पर क्या कानूनी कार्रवाई होती है।

फिलहाल इस पूरे विवाद का सबसे चर्चित हिस्सा CCTV वीडियो बना हुआ है, जिसमें कर्मचारी हाथ जोड़कर माफी मांगता दिखाई दे रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Discover more from THE PUBLIC NEWS

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading