16 लाख के एरियर्स पर 80 हजार का ‘कमीशन’! 10 हजार लेते BEO चंद्र कुमार यार्दा गिरफ्तार

कोंटा में ACB का ट्रैप; एरियर्स बिल पर साइन और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप, पहली किस्त लेते ही दबोचा
सुकमा। सरकारी दफ्तर में लंबित एरियर्स की राशि निकलवाने के लिए एक शिक्षक को कथित तौर पर रिश्वत की मांग का सामना करना पड़ा। मामला सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय का है, जहां एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने BEO चंद्र कुमार यार्दा को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि एक शिक्षिका की करीब 16 लाख रुपए की एरियर्स राशि से जुड़े बिल पर हस्ताक्षर और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में BEO ने कथित तौर पर 5 प्रतिशत कमीशन यानी करीब 80 हजार रुपए की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने सत्यापन किया और फिर ट्रैप कार्रवाई की।
एक महीने से दफ्तर के चक्कर, फिर सामने आई ‘कमीशन’ की मांग
मामला कोंटा क्षेत्र में पदस्थ प्रधानपाठक कवासी सुशीला की एरियर्स राशि से जुड़ा बताया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार वेतनमान निर्धारण के बाद करीब 16 लाख रुपए की एरियर्स राशि का भुगतान होना था।
इससे संबंधित फाइल पर BEO के हस्ताक्षर जरूरी थे। शिकायतकर्ता के अनुसार फाइल पर कार्रवाई के लिए करीब एक महीने से कार्यालय के चक्कर लगाए जा रहे थे।
इसी दौरान एरियर्स राशि का 5 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने का आरोप सामने आया। 16 लाख रुपए की राशि का 5 प्रतिशत करीब 80 हजार रुपए बैठता है। इसके बाद मामले की शिकायत ACB के जगदलपुर कार्यालय में की गई।
शिकायत मिली, ACB ने पहले किया सत्यापन
शिकायत मिलने के बाद ACB ने सीधे कार्रवाई करने के बजाय पहले शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन किया।
सत्यापन के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। तय रणनीति के अनुसार रिश्वत की रकम की पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपए देने की बात तय हुई।
इसके बाद ACB की टीम ने कोंटा स्थित BEO कार्यालय में कार्रवाई की तैयारी की।
10 हजार की पहली किस्त… और ACB का ट्रैप
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे ACB की टीम कोंटा स्थित BEO कार्यालय पहुंची।
तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने BEO चंद्र कुमार यार्दा को 10 हजार रुपए दिए। जैसे ही कथित तौर पर रकम स्वीकार की गई, पहले से तैयार ACB टीम ने कार्रवाई करते हुए BEO को मौके पर पकड़ लिया।
यानी जिस 80 हजार रुपए की कथित मांग का आरोप था, उसमें से पहली किस्त के 10 हजार रुपए लेते ही ट्रैप सफल हो गया।
BEO कार्यालय में दस्तावेज भी खंगाले
गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम ने BEO कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। एरियर्स से जुड़ी फाइल और दूसरे दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में लिया गया।
ACB की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग के कार्यालय में भी हलचल मच गई।
मामले से जुड़े दस्तावेजों और परिस्थितियों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सिर्फ 10 हजार नहीं… सवाल 80 हजार की कथित मांग पर
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल सिर्फ 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने का नहीं है।
ACB की ट्रैप कार्रवाई में 10 हजार रुपए लेते BEO पकड़े गए, लेकिन शिकायत में कुल 80 हजार रुपए की कथित मांग का आरोप है। यह रकम शिक्षिका की करीब 16 लाख रुपए की एरियर्स राशि के 5 प्रतिशत के बराबर बताई गई है।
अब जांच में यह सामने आना महत्वपूर्ण होगा कि कथित मांग किस प्रक्रिया के लिए की गई थी और एरियर्स की फाइल में BEO की वास्तविक भूमिका क्या थी।



