8 माह की गर्भवती छात्रा हॉस्टल में कैसे रही अनजान? कांग्रेस ने स्कूल प्रबंधन से पूछे सवाल

कवर्धा। निजी आवासीय विद्यालय में कक्षा 10वीं की नाबालिग छात्रा के गर्भवती होने और बच्चे को जन्म देने के मामले में अब स्कूल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि छात्रा हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी और करीब आठ माह की गर्भवती थी, तो स्कूल प्रबंधन, वार्डन और संबंधित स्टाफ को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। कांग्रेस का कहना है कि मामले में छात्रा की देखरेख और हॉस्टल की निगरानी व्यवस्था की भी जांच होनी चाहिए।
वहीं स्कूल प्रबंधन पहले ही मामले में सफाई दे चुका है। प्रबंधन का कहना है कि उसे छात्रा की गर्भावस्था की जानकारी नहीं थी। तबीयत खराब होने के बाद छात्रा ने अपने माता-पिता को बुलाया और विद्यालय छोड़ दिया था।
कांग्रेस ने पुलिस में दर्ज मामले में सामने आए घटनाक्रम को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं के मुताबिक उपलब्ध जानकारी में छात्रा के 5 फरवरी 2025 को स्कूल से जाने और 12 फरवरी को बच्चे को जन्म देने का उल्लेख है। इसके अलावा प्रिंसिपल के कथित बयानों और छात्रा व उसके पिता की ओर से दिए गए एफिडेविट में अंतर होने का दावा करते हुए इसकी जांच की मांग की गई है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने यह भी सवाल उठाया कि नाबालिग छात्रा और उसके पिता से एफिडेविट क्यों लिया गया। एफिडेविट में गवाहों के हस्ताक्षर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की भी जांच की मांग की गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने का प्रयास किया गया, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कांग्रेस ने कहा कि यदि जांच में विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी ने जरूरत पड़ने पर विद्यालय की मान्यता पर कार्रवाई की मांग भी उठाई है। नवीन जायसवाल ने चेतावनी दी कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होने पर कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।
फिलहाल मामले में कांग्रेस के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्कूल प्रबंधन अपनी ओर से छात्रा की गर्भावस्था की जानकारी नहीं होने की बात कह चुका है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पूरे मामले में विद्यालय प्रबंधन या अन्य जिम्मेदारों की कोई लापरवाही थी या नहीं।



