कवर्धा। जिले में होली का रंग हर ओर बिखर रहा है, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों पर तो पहले से ही “भ्रष्टाचार का गुलाल” चढ़ा हुआ है! जनता अपने हक की फरियाद लेकर जब भी वन विभाग के दफ्तर पहुंचती है, तो वहां अधिकारी नदारद मिलते हैं। फोन भी मिलाने की कोशिश करें तो साहब ऐसे गायब रहते हैं, जैसे होली के रंग से बचने की कोशिश कर रहे हों!
रेंगाखार और स. लोहारा में भ्रष्टाचार की “फाग”
सहसपुर लोहारा और रेंगाखार वन परिक्षेत्र में अवैध कटाई और निर्माण कार्यों में ऐसी “गुलालबाजी” हुई है कि हर ओर बस धूल ही धूल उड़ रही है। जंगल कट रहे हैं, निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री झोंकी जा रही है, लेकिन अधिकारी आंखें मूंदकर “होली की छुट्टी” मना रहे हैं।
पिछली बार जब इन परिक्षेत्रों में रपटा निर्माण को लेकर गड़बड़ियां उजागर हुई थीं, तो एनएसयूआई (NSUI) ने जांच की मांग की थी। लेकिन अफसरों की “रंगीन फाइलें” धूल चाट रही हैं और भ्रष्टाचार का “अबीर” अब भी हवा में उड़ रहा है।
रुपेश चन्द्रवंशी
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