जगदलपुर केंद्रीय जेल में दूसरी बंदी मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालबाथरूम से लौटते समय फिसला विचाराधीन बंदी, इलाज के दौरान मौत

जगदलपुर। केंद्रीय जेल में एक सप्ताह के भीतर दूसरी बंदी मौत का मामला सामने आने से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। माओवादी मामलों में विचाराधीन बंदी रमेश कुंजाम (33) की शुक्रवार सुबह मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में उपचार के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह गुरुवार देर रात बाथरूम से लौटते समय फिसलकर गिर गया था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई थी।
मृतक रमेश कुंजाम बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र के लिंगापुर गांव का निवासी था। उसे नवंबर 2025 में दंतेवाड़ा जेल से जगदलपुर केंद्रीय जेल लाया गया था। जेल प्रशासन के अनुसार घटना के बाद अन्य बंदियों और सुरक्षाकर्मियों की मदद से उसे तत्काल महारानी अस्पताल डिमरापाल पहुंचाया गया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मौत के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले एक सप्ताह पूर्व हत्या के मामले में बंद एक महिला विचाराधीन बंदी ने जेल के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। लगातार दूसरी मौत के बाद जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार जगदलपुर केंद्रीय जेल लंबे समय से क्षमता से अधिक बंदियों के दबाव से जूझ रही है। निर्धारित क्षमता से ज्यादा बंदियों के रहने के कारण सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। ऐसे में लगातार हो रही घटनाओं ने जेल प्रबंधन की व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है।



