संजीवनी 108 एम्बुलेंस बनी जीवन रक्षक, पोल्मी घाट पर ट्रक हादसे में तीन घायल — समय पर पहुंचकर बचाई जान

कवर्धा/कुक्दूर। सड़क हादसों में संजीवनी 108 एम्बुलेंस सेवा लगातार जीवन रक्षक साबित हो रही है। ऐसा ही एक मामला गुरुवार करीब 12:30 बजे पोल्मी घाट के पास देखने को मिला, जब मध्य प्रदेश से रायपुर जा रहा एक आयशर ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ट्रक में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर संजीवनी 108 एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुक्दूर पहुंचाया गया।
इस हादसे में तीनों घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनकी पहचान जागेंद्र कुमार जोगी (24 वर्ष) निवासी शोभापुर मध्य प्रदेश, संजय मरावी (22 वर्ष) निवासी डिंडोरी मध्य प्रदेश और हीरालाल गोस्वामी (18 वर्ष) निवासी शोभापुर जिला डिंडोरी के रूप में हुई है। सभी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही एम्बुलेंस में तैनात ईएमटी विनोद कुमार धावलकर और पायलट रामचंद्र धुर्वे ने मौके पर पहुंचकर तेजी से राहत कार्य शुरू किया। टीम ने घायलों की स्थिति का आंकलन कर उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुक्दूर में ERCP डॉ. सरस्वती द्वारा घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में “गोल्डन आवर” बेहद महत्वपूर्ण होता है और इसी समय 108 एम्बुलेंस की त्वरित कार्रवाई ने घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
कवर्धा 108 जिला अधिकारी कीर्ति कौशिक ने बताया कि सूचना मिलते ही एम्बुलेंस टीम ने तेजी से रिस्पॉन्स किया, जिसके कारण सभी घायलों को समय पर उपचार मिल सका। उन्होंने कहा कि 108 सेवा लगातार आपात स्थितियों में जीवन रक्षक के रूप में कार्य कर रही है।
स्थानीय लोगों ने भी एम्बुलेंस की तत्परता की सराहना की और कहा कि दुर्गम घाटी क्षेत्र होने के बावजूद समय पर मदद पहुंचना बड़ी राहत की बात रही।
पोल्मी घाट हादसे ने एक बार फिर साबित किया कि 108 एम्बुलेंस सेवा अब सिर्फ एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि आपात स्थिति में जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण प्रणाली बन चुकी है।



