‘मैं मध्य प्रदेश के CM पद से इस्तीफा देता हूं’… वायरल हुआ इस्तीफा, जानिए क्या है पूरा मामला?

मोहन यादव ने नहीं दिया इस्तीफा; CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने व्यंग्य में खुद को CM बताते हुए लिखा इस्तीफा, बालाघाट में बच्चों की मौत के मुद्दे पर सरकार पर साधा निशाना
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। पोस्ट में लिखा है—“मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देता हूं।” इसके बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि क्या मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस्तीफा दे दिया है। लेकिन पूरी पड़ताल में सामने आया कि यह डॉ. मोहन यादव का इस्तीफा नहीं है। यह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की ओर से किया गया एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक पोस्ट है।

किसने लिखा इस्तीफा?
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित करते हुए एक इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इसमें उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में खुद को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए पद से इस्तीफा देने की बात कही।
रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश में बच्चों को समय पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधा और सहायता उपलब्ध नहीं करा पाने की जिम्मेदारी स्वीकार करने जैसी बातें लिखीं और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
बालाघाट में 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत का मुद्दा
दिपके के इस पोस्ट की पृष्ठभूमि बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चों की मौत का मामला है। रिपोर्टों के मुताबिक क्षेत्र में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था, पोषण, पेयजल और समय पर इलाज को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी पहुंची है। कोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बालाघाट कलेक्टर समेत संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। याचिका में इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने और अस्पताल में क्षमता से अधिक बच्चों के इलाज का दावा किया गया है।
पीड़ित परिवारों से मिलने बालाघाट पहुंचे थे दिपके
अभिजीत दिपके 12 सितंबर को बालाघाट के आदिवासी क्षेत्रों में पहुंचे थे। वे अडोरी, कोरका और बोंदारी गांव गए और बच्चों की मौत से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेने की कोशिश की। उन्होंने इस मामले में प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई।
दौरे के दौरान हुआ विवाद, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
बालाघाट दौरे के दौरान दिपके का कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से विवाद हो गया। वायरल वीडियो में कुछ लोग उनसे सवाल करते नजर आए। उनसे पूछा गया कि क्या वे बच्चों की मौत के मुद्दे पर राजनीति करने आए हैं और इतने देर से इलाके में क्यों पहुंचे।
वायरल वीडियो में दिपके के माफी मांगने की बात भी सामने आई। विवाद बढ़ने के बाद उनके साथ मौजूद लोगों ने उन्हें दूसरी गाड़ी में बैठाकर वहां से रवाना किया। इस घटनाक्रम की रिपोर्ट PTI समेत कई मीडिया संस्थानों ने की है।
विवाद के बाद आया ‘CM के इस्तीफे’ वाला पोस्ट
बालाघाट में हुए इस घटनाक्रम के अगले दिन दिपके ने सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक इस्तीफा पत्र जारी किया। इसमें उन्होंने खुद को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए सरकार की कथित नाकामियों की जिम्मेदारी लेने का अंदाज अपनाया।
यही पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और कई जगह इसे “मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया” जैसे दावे के साथ शेयर किया जाने लगा।
क्या मोहन यादव ने इस्तीफा दिया है?
नहीं।
उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में डॉ. मोहन यादव अभी भी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में सक्रिय हैं। 13 सितंबर को भी उनके मुख्यमंत्री के तौर पर सार्वजनिक बयान और कार्यक्रमों की रिपोर्ट सामने आई है। इसलिए वायरल पोस्ट को मोहन यादव का इस्तीफा बताना गलत होगा।
फिर वायरल क्यों हुआ इस्तीफा?
दरअसल अभिजीत दिपके ने यह पोस्ट सरकार पर राजनीतिक और व्यंग्यात्मक हमला करने के लिए की। उन्होंने बालाघाट में बच्चों की मौत और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े सवालों को केंद्र में रखते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि यदि वे मुख्यमंत्री होते तो इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेते।
इसी वजह से पोस्ट में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का दावा किया गया, लेकिन यह वास्तविक संवैधानिक इस्तीफा नहीं है।
इस्तीफे को लेकर FIR की मांग भी उठी
वायरल पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने दिपके के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग भी उठाई। आलोचकों ने सवाल उठाया कि उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री बताते हुए इस्तीफा पत्र क्यों जारी किया और कथित तौर पर सरकारी/राजकीय प्रारूप या लेटरहेड के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि इन मांगों के आधार पर उनके खिलाफ FIR दर्ज होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस्तीफा असली, लेकिन मुख्यमंत्री का नहीं
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई वास्तविक इस्तीफा सामने नहीं आया है। डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री पद पर हैं। वायरल इस्तीफा CJP संस्थापक अभिजीत दिपके का व्यंग्यात्मक राजनीतिक पोस्ट है, जिसे बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चल रहे विवाद के बीच जारी किया गया।





