बिजली दरों और स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, 1 अगस्त से प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान

कवर्धा। बिजली दरों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर शनिवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल के नेतृत्व में कांग्रेस भवन में पत्रकार वार्ता हुई। इसमें कांग्रेस नेताओं ने सरकार की बिजली नीति पर सवाल उठाते हुए 1 अगस्त से प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को 1000 रुपए दे रही है, वहीं दूसरी ओर बढ़े हुए बिजली बिलों के जरिए परिवारों पर हजारों रुपए का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बिजली दरों में लगातार पांचवीं बार बढ़ोतरी हुई है और अब तक दरों में 31.23 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।
जायसवाल ने कहा कि जुलाई से घरेलू, गैर घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए नई बिजली दरें लागू की गई हैं। इसके अलावा 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार भी लगाया गया है। उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उस समय पांच वर्षों में बिजली दर में केवल 2 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई थी और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी।
1 अगस्त से घर-घर अभियान
कांग्रेस ने घोषणा की कि 1 अगस्त से प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर हटाने और बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस लेने की मांग को लेकर घर-घर अभियान चलाया जाएगा। करीब दो महीने तक उपभोक्ताओं से आवेदन और विरोध पत्र भरवाए जाएंगे। इसके बाद जिला मुख्यालयों में बिजली कार्यालयों का घेराव कर एकत्रित आवेदन सौंपे जाएंगे। कांग्रेस ने आंदोलन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की भी बात कही है।
जिला कांग्रेस महामंत्री मनीष शर्मा ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की ओर से कई उपभोक्ताओं को तीन से चार गुना तक अधिक बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने बिना सहमति अनुबंध भार बढ़ाने और अतिरिक्त शुल्क व अर्थदंड लगाए जाने का भी आरोप लगाया।
प्रदेश कांग्रेस सचिव वीरेंद्र जांगड़े ने बिजली बिल बढ़ने के तीन कारण बताते हुए कहा कि इनमें बिजली दरों में वृद्धि, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना और स्मार्ट मीटर से अधिक खपत दर्ज होना शामिल है। उन्होंने स्मार्ट मीटर को लेकर केंद्र सरकार के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगनी चाहिए।
कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने सरकार के सामने बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी वापस लेने, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना फिर शुरू करने और प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर वापस लेने की मांग रखी है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो चरणबद्ध आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता में जिला महामंत्री गोपाल चंद्रवंशी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा अनंत, जिला प्रवक्ता विकास केशरी, आकाश केशवानी, राजेंद्र मार्कण्डेय, सीता धुर्वे, पदुम सेन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।



