प्रसव पीड़ित महिला के लिए वरदान साबित हुई संजीवनी 108, एंबुलेंस में दिया नवजात को जन्म

कवर्धा। संजीवनी 108 एम्बुलेंस सेवा एक बार फिर आपात स्थिति में जीवन रक्षक साबित हुई। प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसपुर लोहारा से जिला चिकित्सालय कवर्धा रेफर किया गया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में प्रसव पीड़ा तेज हो गई। स्थिति को देखते हुए 108 एम्बुलेंस में मौजूद टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए रास्ते में ही सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
जानकारी के अनुसार संतोषी बांधे (26 वर्ष), पति एस. दास बांधे, निवासी गौरमाटी लोहारा प्रसव पीड़ा से परेशान थीं। उन्हें प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसपुर लोहारा लाया गया था। यहां मेडिकल ऑफिसर द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला चिकित्सालय कवर्धा रेफर किया गया।
रेफर के दौरान रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई और तत्काल प्रसव कराना आवश्यक हो गया। ऐसे में संजीवनी 108 में तैनात ईएमटी राजेंद्र सिंह ने पायलट झामेंद्र निर्मलकर की मदद से एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया। दोनों कर्मचारियों की सूझबूझ, तत्परता और बेहतर समन्वय से जच्चा और नवजात सुरक्षित रहे। इसके बाद महिला और बच्चे को आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
कवर्धा 108 जिला अधिकारी कीर्ति कौशिक ने बताया कि संजीवनी 108 सेवा लगातार आपात परिस्थितियों में लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही है। एम्बुलेंस में तैनात प्रशिक्षित ईएमटी और पायलट हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहते हैं। इस मामले में भी समय पर लिए गए निर्णय और टीमवर्क के कारण रास्ते में सुरक्षित प्रसव संभव हो सका।
उन्होंने कहा कि प्रसव जैसी आपात स्थिति में कुछ मिनट भी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में प्रशिक्षित ईएमटी की सूझबूझ और पायलट का सहयोग मरीज के लिए बेहद अहम साबित होता है। उन्होंने ईएमटी राजेंद्र सिंह और पायलट झामेंद्र निर्मलकर के कार्य की सराहना की।



