प्रेस क्लब भवन विवाद: तहसीलदार ने पूर्व अध्यक्ष को 2 दिन में कब्जा सौंपने दिया नोटिस

नई कार्यकारिणी की शिकायत पर नोटिस; भवन की चाबी और उपलब्ध रिकॉर्ड सौंपने के निर्देश, किराये पर देने और राशि के निजी उपयोग के भी आरोप
कवर्धा। जिला प्रेस क्लब भवन को लेकर चल रहे विवाद में मंगलवार को तहसीलदार न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। तहसीलदार ने पूर्व अध्यक्ष प्रकाश वर्मा को प्रेस क्लब भवन का कब्जा दो दिन के भीतर आवेदक एवं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को सौंपने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित अवधि में कब्जा नहीं सौंपने पर संबंधित व्यक्ति जिम्मेदार होगा।

तहसीलदार की ओर से जारी नोटिस में जिला प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष यशवंत सिंह ठाकुर के आवेदन का उल्लेख है। आवेदन में कहा गया था कि पूर्व कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और नई कार्यकारिणी का निर्वाचन हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद पूर्व अध्यक्ष का भवन पर कब्जा बना हुआ है। आवेदन में भवन की चाबी और उपलब्ध संबंधित अभिलेख नई कार्यकारिणी को सौंपने की मांग की गई थी।
नोटिस में यह भी उल्लेख है कि भवन के कुछ हिस्से को किराये पर दिए जाने के कारण पत्रकारों को भवन का उपयोग उसके उद्देश्य के अनुसार नहीं मिल पा रहा है। नोटिस की प्रतियां एसडीएम कवर्धा, आवेदक और थाना प्रभारी कवर्धा को भी भेजी गई हैं।
07 जून को खत्म हो चुका था पुरानी कार्यकारिणी का कार्यकाल
नई कार्यकारिणी के अनुसार, जिला प्रेस क्लब की पिछली कार्यकारिणी का तीन वर्ष का कार्यकाल 07 जून 2026 को समाप्त हो गया था। फर्म्स एवं सोसायटी कार्यालय दुर्ग के निर्देश के बाद सदस्यों की आमसभा बुलाकर 06 सितंबर 2026 को निर्वाचन कराया गया। निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
नई कार्यकारिणी का कहना है कि निर्वाचन संबंधी दस्तावेज संबंधित विभाग और जिला प्रशासन को भी उपलब्ध कराए गए हैं।
वर्षों से चुनाव नहीं कराने और सदस्यता रोकने का आरोप
नई कार्यकारिणी ने पूर्व पदाधिकारियों पर वर्षों तक संस्था को अपने नियंत्रण में रखने और पत्रकारों को सदस्यता से दूर रखने का आरोप लगाया है। कार्यकारिणी के अनुसार, करीब 50 पत्रकारों ने कलेक्टर और फर्म्स एवं सोसायटी कार्यालय में शिकायत की थी कि उन्हें संस्था की सदस्यता नहीं दी जा रही है और चुनाव भी नहीं कराया जा रहा है।
नई कार्यकारिणी का दावा है कि वर्ष 2023 में भी इस मामले को लेकर शिकायत हुई थी। इसके बाद फर्म्स एवं सोसायटी कार्यालय दुर्ग/रायपुर द्वारा पूर्व अध्यक्ष को फटकार लगाई थी और सदस्यता देने के निर्देश के बाद जून 2023 में 58 पत्रकारों को सदस्य बनाए जाने की जानकारी संबंधित कार्यालय को दी गई थी।
सात लोगों तक सीमित कर दी गई थी प्रबंधन समिति
नई कार्यकारिणी का आरोप है कि उस समय संस्था की प्रबंधन समिति को सीमित रखते हुए केवल सात लोगों को इसमें रखा गया था। इनमें प्रकाश वर्मा, डीएन योगी, स्वर्गीय छत्रपाल सिंह ठाकुर, यशवंत सिंह ठाकुर, विजय धृतलहरे, श्याम टंडन और मुकेश श्रीवास्तव शामिल थे।
नई कार्यकारिणी ने मुकेश श्रीवास्तव की सदस्यता और पत्रकार होने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि वे प्रकाश वर्मा के रिश्तेदार थे।
खाली चेक और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
नई कार्यकारिणी का आरोप है कि प्रेस क्लब के रिकॉर्ड और दस्तावेज पूर्व अध्यक्ष के पास रखे गए थे। तत्कालीन सचिव विजय धृतलहरे से यह कहकर कई बार खाली रजिस्टर, प्रस्ताव पत्र, दस्तावेज और चेक पर हस्ताक्षर कराए गए कि इन्हें विभाग में जानकारी देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
आरोप है कि जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में तीन खाली चेक और खाली प्रस्ताव पत्रों पर भी हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद विजय धृतलहरे ने फर्म्स एवं सोसायटी कार्यालय दुर्ग में लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की।
चार सदस्यों ने जताई थी आपत्ति
नई कार्यकारिणी के अनुसार, यशवंत सिंह ठाकुर, विजय धृतलहरे, श्याम टंडन और इश्वर कुंभकार ने इस व्यवस्था पर लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी। कार्यकारिणी का आरोप है कि इसके बाद विवाद और बढ़ गया।
नई कार्यकारिणी का कहना है कि चुनाव के बाद उसे फर्जी बताने, सदस्यों को बाहरी व्यक्ति बताने और भवन पर जबरन कब्जा करने जैसे आरोप लगाए गए। कुछ शिकायतों में जान से खतरे और धमकी की बात भी कही गई। नई कार्यकारिणी ने इन आरोपों को तथ्यहीन बताया है।
नई कार्यकारिणी में ये पदाधिकारी
नई कार्यकारिणी के अनुसार यशवंत सिंह ठाकुर अध्यक्ष, देवेन्द्र चंद्रवंशी कार्यकारी अध्यक्ष, बसंत नामदेव, बृजेश गुप्ता और इमरान खान उपाध्यक्ष, आदिल खान कार्यकारी उपाध्यक्ष, विजय धृतलहरे सचिव, श्याम टंडन कोषाध्यक्ष और सत्येंद्र बडघरे सहसचिव हैं।
भवन किराये पर देने और 30 हजार रुपए प्रतिमाह लेने का आरोप
नई कार्यकारिणी ने प्रेस क्लब भवन के उपयोग और किराये को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि पत्रकारों के लिए बनाए गए भवन के कुछ हिस्सों को निजी लोगों को किराये पर दिया गया है और इससे करीब 30 हजार रुपए प्रतिमाह किराया मिलने की बात कही जा रही है।
नई कार्यकारिणी का आरोप है कि किराये से प्राप्त राशि के आय-व्यय का पारदर्शी हिसाब सामने नहीं है और किराये की राशि के निजी उपयोग की शिकायत भी सामने आई है। कार्यकारिणी ने भवन से संबंधित किराये के अनुबंध, प्राप्त राशि और उसके उपयोग का पूरा हिसाब सामने रखने की मांग की है।
पत्रकारों के लिए बना भवन, फिर भी प्रवेश नहीं मिलने का आरोप
नई कार्यकारिणी का कहना है कि प्रेस क्लब भवन पत्रकारों के लिए साझा मंच के रूप में बनाया गया है। यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस, बैठक और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में आम पत्रकारों को ही भवन के उपयोग से दूर रखा जा रहा है।
कार्यकारिणी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तहसीलदार के निर्देश के अनुसार भवन का कब्जा, चाबी और उपलब्ध दस्तावेज नई कार्यकारिणी को सौंपे जाएं। साथ ही भवन एवं भूमि की स्थिति स्पष्ट करने और किराये तथा आय-व्यय से जुड़े रिकॉर्ड की पारदर्शी जांच कराने की मांग की गई है।
नई कार्यकारिणी का कहना है कि प्रेस क्लब भवन किसी व्यक्ति विशेष के नियंत्रण में नहीं, बल्कि जिले के सभी पत्रकारों के साझा हित में संचालित होना चाहिए।





