संसाधन, निर्धारित कार्य समय और साप्ताहिक अवकाश की मांग; कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
कवर्धा। छात्रावासों में संसाधनों की कमी, निर्धारित कार्य समय और साप्ताहिक अवकाश जैसी समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य छात्रावास अधीक्षक संघ ने आंदोलन का ऐलान किया है। संघ के पदाधिकारियों ने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निराकरण की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर 12 नवंबर को एकदिवसीय सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
संघ का कहना है कि छात्रावास अधीक्षक लगातार जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन पर्याप्त संसाधन और जरूरी सुविधाएं नहीं मिलने से कामकाज में दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा निर्धारित कार्य समय, साप्ताहिक अवकाश और सेवा शर्तों से जुड़ी समस्याओं का भी अब तक समाधान नहीं हुआ है।
पहले ज्ञापन, फिर आंदोलन की तैयारी
संघ के पदाधिकारी मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को अपनी मांगों से अवगत कराया। उन्होंने शासन और संबंधित विभाग से अधीक्षक संवर्ग की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
📰 स्थानीय खबरें
•
🚨 क्राइम
•
🏛️ राजनीति
•
🎓 शिक्षा
•
🌾 किसान
•
💼 कारोबार
संघ ने स्पष्ट किया है कि 12 नवंबर को सांकेतिक हड़ताल के बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन रूप दिया जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित विभाग संघ की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।
About Author
रुपेश चन्द्रवंशी
खोजी पत्रकार|लेखक|संपादक
12+ वर्ष अनुभव
BJMC योग्यता
जुड़ें:
लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication)
डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव
के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
... Read More
लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication)
डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव
के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस दौरान
प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और वेब मीडिया
में पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है।
कार्यक्षेत्र में समाचार लेखन, संपादन, समसामयिक घटनाक्रम,
स्थानीय मुद्दे और जनसरोकार से जुड़े विषय प्रमुख रहे हैं।
तथ्यपरक समाचार प्रस्तुति, जमीनी मुद्दों की पड़ताल,
जनहित के विषयों, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों और खोजी खबरों
को प्रमुखता देना पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता रही है।
समाचारों के माध्यम से जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को सामने
लाना, तथ्यों को सरल एवं स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करना और
जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है।