3 महीने तक पुलिस को चकमा देता रहा साइबर ठग, डिजिटल सुरागों ने पहुंचाया सलाखों के पीछे

अलग-अलग मोबाइल नंबर और बैंकिंग चैनल से करता था ठगी; MP-UP में पुलिस ने खंगाले कई ठिकाने, टीकमगढ़ बॉर्डर से मास्टरमाइंड गिरफ्तार
कवर्धा। फोन पर डर और दबाव बनाकर लोगों से ऑनलाइन पैसे ऐंठने वाले साइबर ठग को पकड़ने के लिए कबीरधाम पुलिस को करीब तीन महीने तक मशक्कत करनी पड़ी। आरोपी हर बार मोबाइल नंबर और पैसे के लेन-देन का तरीका बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। आखिरकार मोबाइल नंबर, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। साइबर पुलिस ने मध्यप्रदेश के टीकमगढ़-निवाड़ी के सीमावर्ती क्षेत्र से नीलू यादव को गिरफ्तार किया है।
शिक्षक को फोन… डराया और खाते में मंगाई रकम
मामले की शुरुआत 4 मई को हुई। एक शिक्षक ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर भय और दबाव बनाया और इसके बाद यूपीआई के जरिए रकम ट्रांसफर कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर मोबाइल नंबर और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि एक ही तरीके से कबीरधाम में अन्य लोगों को भी निशाना बनाया गया था। इसके बाद 8 मई को दूसरा मामला दर्ज हुआ और दोनों मामलों को जोड़कर जांच शुरू की गई।
नंबर बदलता रहा, पुलिस डिजिटल सुराग जोड़ती रही
पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबर और बैंकिंग माध्यमों का इस्तेमाल करता था। ठगी की रकम अलग-अलग चॉइस सेंटरों के माध्यम से जमा या ट्रांसफर करवाई जाती थी।
यही तरीका आरोपी को पुलिस की पकड़ से बचा रहा था। लेकिन साइबर टीम ने मोबाइल नंबरों, बैंकिंग लेन-देन और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का लगातार विश्लेषण किया। जांच में आरोपी की लोकेशन निवाड़ी और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में सामने आई।
MP-UP के कई ठिकानों पर पहुंची टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस की विशेष टीम मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के अलग-अलग इलाकों में पहुंची। कई संभावित ठिकानों और डिजिटल सुरागों की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान नीलू यादव के रूप में की।
लगातार निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर टीम ने उसे टीकमगढ़-निवाड़ी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
सिर्फ कबीरधाम ही नहीं, MP में भी केस
पुलिस जांच में आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक वह पहले भी जेल जा चुका है। अब पुलिस उसके पुराने मामलों के साथ-साथ साइबर ठगी में उसके साथ जुड़े लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
ठगी की रकम पुलिस ने समय रहते बचाई
इस कार्रवाई की सबसे अहम बात यह रही कि साइबर पुलिस ने ठगी की रकम को समय रहते होल्ड करा लिया। बैंकिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद रकम पीड़ित को वापस कराए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की अपील—डरिए नहीं, पैसे ट्रांसफर मत कीजिए
कबीरधाम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के फोन पर डर या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें। पुलिस के मुताबिक शुरुआती समय में सूचना मिलने पर ठगी की रकम को होल्ड कराने की संभावना ज्यादा रहती है।



