छत्तीसगढ़ प्रादेशिक

PDS में बड़ा बदलाव: अब बारकोड से ट्रैक होगी राशन के चावल की बोरी, दिसंबर से लागू करने की तैयारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी राशन की सप्लाई व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS के चावल की बोरियों पर अब बारकोड लगाने की व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य मिलर से लेकर राशन की दुकानों तक चावल की सप्लाई को ट्रैक करना और बीच रास्ते में होने वाली कथित हेराफेरी पर निगरानी बढ़ाना है।

मौजूदा व्यवस्था में मिलर से PDS के लिए चावल की सप्लाई की जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद चावल की बोरियों पर बारकोड लगाया जाएगा। इससे संबंधित बोरी की सप्लाई को सिस्टम के जरिए ट्रैक करने में मदद मिलेगी।

सरकार की तैयारी के मुताबिक यह व्यवस्था दिसंबर 2026 से लागू किए जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, मिलर के स्तर पर ही चावल की बोरियों पर बारकोड लगाया जाएगा। इसके बाद सप्लाई की आगे की प्रक्रिया में इसकी ट्रैकिंग की जा सकेगी।

आखिर क्यों किया जा रहा बदलाव?

PDS चावल की सप्लाई में गड़बड़ी और चावल के कथित ‘रोलिंग’ को रोकने के लिए यह व्यवस्था लाई जा रही है। बारकोड के जरिए यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि चावल की बोरी किस स्तर से निकली और उसकी सप्लाई किस दिशा में हुई।

सरकार का मकसद व्यवस्था में ट्रैकिंग और निगरानी बढ़ाना है। हालांकि बारकोड व्यवस्था कितनी प्रभावी होगी, यह इसके लागू होने और जमीनी स्तर पर निगरानी की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

आम राशन कार्डधारियों पर क्या असर होगा?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक राशन कार्डधारियों के राशन की मात्रा या पात्रता में बदलाव की घोषणा इस खबर में नहीं है। बदलाव मुख्य रूप से चावल की सप्लाई और ट्रैकिंग व्यवस्था से जुड़ा है।

यानी राशन लेने वाले हितग्राही के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि सरकारी चावल की सप्लाई को पीछे से ट्रैक करने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी।

सरल शब्दों में:
मिलर से निकली चावल की बोरी → बारकोड → सप्लाई की ट्रैकिंग → राशन दुकान तक निगरानी।

यह व्यवस्था लागू होने के बाद PDS चावल की सप्लाई में किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित बोरी की ट्रैकिंग में मदद मिल सकती है।

About Author
रुपेश चन्द्रवंशी

रुपेश चन्द्रवंशी

खोजी पत्रकार|लेखक|संपादक
12+ वर्ष अनुभव BJMC योग्यता
जुड़ें:
लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication) डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ... Read More

लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication) डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस दौरान प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और वेब मीडिया में पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है।

कार्यक्षेत्र में समाचार लेखन, संपादन, समसामयिक घटनाक्रम, स्थानीय मुद्दे और जनसरोकार से जुड़े विषय प्रमुख रहे हैं। तथ्यपरक समाचार प्रस्तुति, जमीनी मुद्दों की पड़ताल, जनहित के विषयों, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों और खोजी खबरों को प्रमुखता देना पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता रही है।

समाचारों के माध्यम से जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को सामने लाना, तथ्यों को सरल एवं स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करना और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है।

📢
जनता की आवाज़
आपकी समस्या — हमारी पड़ताल
क्या आपके क्षेत्र से जुड़ी कोई समस्या है?
सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार, सरकारी सेवा या अपने क्षेत्र से जुड़ी किसी भी समस्या की जानकारी हमें दें।
⚠️ भ्रष्टाचार 🛣️ सड़क 💡 बिजली 💧 पानी 🏫 शिक्षा 🏥 स्वास्थ्य 🧹 सफाई 🏛️ सरकारी सेवा 📌 अन्य
📸 फोटो और वीडियो भी WhatsApp पर सीधे भेज सकते हैं

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button
THE PUBLIC NEWS
the voice of public

📲 द पब्लिक न्यूज़ WhatsApp Channel से जुड़ें

हर जरूरी खबर और ताजा अपडेट सीधे अपने WhatsApp पर पाएं। द पब्लिक न्यूज़ के साथ जुड़े रहें और अपने क्षेत्र की महत्वपूर्ण खबरों से हमेशा अपडेट रहें।

📰 आपको यहां मिलेंगी जरूरी खबरें
🏛️ राजनीति और प्रशासन 🚨 क्राइम और पुलिस 📍 स्थानीय खबरें 🎓 शिक्षा और रोजगार 🌾 किसान और ग्रामीण खबरें 💼 कारोबार ⚡ जनसमस्याएं 🎥 वीडियो अपडेट
📲 WhatsApp Channel को Follow / Subscribe कैसे करें?
  1. ऊपर दिए SUBSCRIBE YES या SKIP बटन पर क्लिक करें।
  2. आपका WhatsApp Channel खुलेगा।
  3. Follow / Subscribe बटन पर टैप करें।
  4. अब The Public News की नई खबरें सीधे WhatsApp पर पाएं।

Discover more from THE PUBLIC NEWS

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Enable Notifications OK