मंत्री गुजरे तो दिखे NH-30 के गड्ढे! महीनों से बदहाल सड़क, अब निर्देश मिलते ही शुरू हुई मरम्मत

महीनों से बदहाल सड़क, बारिश में बढ़ा हादसे का खतरा; काफिला रुकवाकर उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए तत्काल मरम्मत के निर्देश, दो घंटे में शुरू हुआ काम
कवर्धा। रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे-30 के कवर्धा-बिलासपुर मार्ग पर गैस गोदाम के पास सड़क की बदहाल स्थिति ने विभागीय रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कई महीनों से सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। पिछले दो दिनों से हो रही तेज बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे सड़क की स्थिति और खतरनाक हो गई है। वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पा रहा है और इस हिस्से में दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
गड्ढों में भरा पानी, सड़क या खतरे का रास्ता?

बारिश के बाद सड़क पर कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। पानी से भरे गड्ढे दूर से दिखाई नहीं देने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ रहा है या वाहन गड्ढों में उतर रहे हैं। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। इस हिस्से में दोपहिया वाहन चालकों के गिरकर चोटिल होने की स्थिति भी सामने आती रही है।
महीनों से खराब सड़क, फिर भी विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ी?
नेशनल हाईवे होने के कारण इस मार्ग पर लगातार वाहनों का आवागमन रहता है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत समय पर नहीं होना विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। सड़क पर गड्ढे बनने के बाद उनकी पहचान कर समय रहते मरम्मत कराना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब होने की संभावना के बावजूद सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए पहले से प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह सवाल अब सामने है।
मंत्री का काफिला रुका तो सामने आई बदहाली

सड़क की स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 13 सितंबर को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और कवर्धा विधायक विजय शर्मा का काफिला इस मार्ग से गुजरते समय रुक गया। सड़क की हालत देखकर उन्होंने मौके का जायजा लिया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल सड़क की मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
निर्देश के दो घंटे में शुरू हुई रिपेयरिंग

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश के बाद संबंधित विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। निर्देश मिलने के करीब दो घंटे के भीतर ही सड़क रिपेयरिंग का कार्य शुरू कर दिया गया। मौके पर सड़क के गड्ढों की मरम्मत का काम शुरू होने से अब वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
यह कार्रवाई बताती है कि निर्देश मिलते ही विभाग ने सड़क की समस्या को प्राथमिकता देते हुए मौके पर काम शुरू कर दिया। हालांकि अब देखना होगा कि रिपेयरिंग कार्य कितनी गुणवत्ता के साथ पूरा होता है और बारिश के बाद सड़क की स्थिति कितने समय तक बेहतर बनी रहती है।
क्या विभाग को निर्देश का इंतजार था?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सड़क की स्थिति कई महीनों से खराब थी तो विभागीय स्तर पर मरम्मत की पहल क्यों नहीं हुई। क्या मुख्य मार्ग की खराब स्थिति अधिकारियों की नियमित निरीक्षण व्यवस्था में नहीं आई? यदि सड़क की निगरानी नियमित रूप से होती है तो गड्ढों की मरम्मत के लिए किसी जनप्रतिनिधि के निर्देश का इंतजार क्यों करना पड़ा?
हालांकि अब निर्देश के बाद विभाग ने तेजी से काम शुरू कर दिया है, लेकिन भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नियमित निरीक्षण और समय पर रखरखाव जरूरी होगा।
रखरखाव के बजट के बावजूद सड़क की हालत सवालों में
सड़कों के रखरखाव के लिए विभागीय स्तर पर बजट और नियमित मरम्मत की व्यवस्था रहती है। ऐसे में सड़क के उपयोग, यातायात के दबाव और उसकी वास्तविक स्थिति के आधार पर प्राथमिकता तय कर समय पर सुधार किया जाना जरूरी है। मुख्य मार्ग पर गड्ढे बढ़ते रहने और बारिश में जलभराव की स्थिति बनने से यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि रखरखाव की व्यवस्था जमीन पर कितनी प्रभावी है।
अब सिर्फ गड्ढे भरने से चलेगा काम?
उप मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सड़क रिपेयरिंग का काम तत्काल शुरू हो गया है। हालांकि केवल गड्ढे भरना पर्याप्त होगा या जलभराव और सड़क की सतह की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। बारिश के बीच की जाने वाली मरम्मत कितनी टिकाऊ रहती है और सड़क की गुणवत्ता किस स्तर की होगी, इसकी भी निगरानी जरूरी होगी।
नेशनल हाईवे जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर सड़क की ऐसी स्थिति विभागीय निरीक्षण और रखरखाव व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े करती है। फिलहाल राहत की बात यह है कि उप मुख्यमंत्री के निर्देश के करीब दो घंटे में ही विभाग ने रिपेयरिंग कार्य शुरू कर दिया। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मरम्मत कार्य कितनी गुणवत्ता के साथ पूरा होता है और सड़क को सुरक्षित बनाए रखने के लिए विभाग आगे क्या स्थायी कदम उठाता है।





