पीएम जनमन सड़क के बीच 11 केवी बिजली खंभा, निर्माण से पहले सर्वे और विभागीय समन्वय पर उठे सवाल

कवर्धा। कबीरधाम जिले में पीएम जनमन योजना के तहत बनी सड़क में विभागीय लापरवाही का मामला सामने आया है। चिमरा-बरभांवर मार्ग पर करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क और पुलिया का निर्माण किया गया, लेकिन सड़क के बीचोंबीच 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन का खंभा अब भी खड़ा है। खंभे के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है और सड़क पर आवागमन जारी है। ऐसे में सड़क निर्माण की योजना, स्थल सर्वे और विभागों के बीच समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नई सड़क का निर्माण शुरू करने से पहले स्थल का तकनीकी सर्वे किया जाना जरूरी था। सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई, एलाइनमेंट और निर्माण क्षेत्र में मौजूद बिजली के खंभे व लाइनों की स्थिति को देखते हुए आवश्यक व्यवस्था पहले ही तय की जा सकती थी। यदि खंभा सड़क की प्रस्तावित एलाइनमेंट के बीच आ रहा था तो निर्माण शुरू होने से पहले संबंधित बिजली विभाग के साथ समन्वय कर उसे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए थी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद भी बीच सड़क में बिजली का खंभा क्यों रह गया। सड़क निर्माण के दौरान खंभे को हटाने के बजाय उसके आसपास सड़क का निर्माण कर दिया गया। इससे सड़क का उपयोग करने वाले वाहन चालकों के लिए खंभा सीधा अवरोध बन गया है। रात के समय दृश्यता कम होने पर दुर्घटना का खतरा और बढ़ सकता है।
यह मामला केवल सड़क निर्माण की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क निर्माण एजेंसी और विद्युत विभाग के बीच आवश्यक समन्वय की कमी को भी सामने लाता है। निर्माण से पहले यदि संयुक्त स्थल निरीक्षण और तकनीकी सर्वे किया जाता तो सड़क के बीच बिजली का खंभा आने की स्थिति को पहले ही चिन्हित किया जा सकता था।
अब यह भी महत्वपूर्ण है कि 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन को किस तरह सुरक्षित रूप से शिफ्ट किया जाए। विद्युत लाइन को हटाना या स्थानांतरित करना सामान्य निर्माण कार्य की तरह नहीं किया जा सकता। इसके लिए संबंधित विद्युत वितरण कंपनी की तकनीकी प्रक्रिया, स्वीकृति और सुरक्षा मानकों का पालन करना होता है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के विद्युत सुरक्षा संबंधी नियम विद्युत लाइनों के निर्माण, संचालन और रखरखाव के लिए सुरक्षा प्रावधान निर्धारित करते हैं।
ऐसे में संबंधित विभागों को मौके का संयुक्त निरीक्षण कर यह तय करना होगा कि बिजली के खंभे को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए, सड़क की एलाइनमेंट में तकनीकी बदलाव किया जाए या विद्युत लाइन को किसी अन्य सुरक्षित व्यवस्था में स्थानांतरित किया जाए।
फिलहाल सड़क के बीच खड़ा 11 केवी का विद्युत खंभा यह सवाल जरूर खड़ा करता है कि नई सड़क के निर्माण से पहले जिम्मेदार विभागों ने स्थल का सर्वे और आपसी समन्वय किस स्तर पर किया था। सड़क निर्माण में ऐसी स्थिति सामने आना विभागीय निगरानी और योजना प्रक्रिया की गंभीर चूक के रूप में देखा जा रहा है।





