शिवलिंग खंडन केस का खुलासा: आरोपी विक्षिप्त, न्यायालय के आदेश पर सेन्द्री रेफर

कवर्धा। ठाकुर पारा स्थित सुधा वाटिका गार्डन परिसर में शिव मंदिर के शिवलिंग और नंदी महाराज की मूर्ति को खंडित किए जाने के मामले में कवर्धा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जिसके बाद उसे न्यायालय के आदेश पर मनोरोग चिकित्सालय भेज दिया गया।
यह घटना 10 जनवरी को सामने आई थी, जिसके बाद धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायत पर थाना कवर्धा में अपराध क्रमांक 20/2026 धारा 298 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल व अमित पटेल के मार्गदर्शन और एसडीओपी कृष्ण कुमार चंद्राकर के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, नजरी नक्शा तैयार किया और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज व स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। सतत पतासाजी के बाद आरोपी राज देवार उर्फ छोटे देवार (19), निवासी लोहारा नाका वार्ड क्रमांक-05, कवर्धा को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी का व्यवहार असामान्य पाए जाने पर उसे जिला चिकित्सालय कवर्धा में परीक्षण के लिए ले जाया गया। चिकित्सकीय जांच में वह शारीरिक रूप से स्वस्थ लेकिन मानसिक रूप से अस्वस्थ पाया गया। जानकारी सामने आई कि आरोपी का पूर्व में भी मनोरोग चिकित्सालय सेन्द्री, बिलासपुर में इलाज हो चुका है। इसके बाद उसे सेन्द्री रेफर किया गया।
गुरुवार को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां मानसिक स्थिति को देखते हुए न्यायालय ने उसे उपचार के लिए मनोरोग चिकित्सालय सेन्द्री, जिला बिलासपुर भेजने का आदेश दिया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। शांति भंग करने वाले किसी भी कृत्य पर सख्त और समयबद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश कश्यप, एसआई शालिनी वर्मा, एसआई रघुवंश पाटिल, एएसआई सुनील यादव, आरक्षक अजय वैष्णव, हीरेन्द्र, संतोष बांधेकर, धर्मेंद्र मरावी, साइबर प्रभारी निरीक्षक महेश प्रधान सहित आरक्षक संदीप शुक्ल (509) और गोपाल राजपूत (97) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



