कवर्धा विशेषचर्चा में हैछत्तीसगढ़ प्रादेशिक

‘चूहा-दीमक खा गए धान’ बयान पड़ा भारी: विपणन अधिकारी निलंबित

7 करोड़ से ज्यादा शॉर्टेज मामले में कार्रवाई, पूरे प्रदेश में चर्चा, सोशल मीडिया पर बने मीम्स

कवर्धा। कबीरधाम जिले के चर्चित धान शॉर्टेज मामले में आखिरकार प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। धान की भारी कमी को लेकर दिए गए ‘चूहा और दीमक धान खा गए’ बयान के बाद छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) ने जिला विपणन अधिकारी पर कार्रवाई करते हुए सहायक प्रबंधक अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


क्या है मामला

जिले के धान संग्रहण केंद्रों में करीब 7 करोड़ रुपए से अधिक का धान शॉर्टेज सामने आया था। इस पर विभाग की ओर से चूहे और दीमक को जिम्मेदार बताया गया।

बयान सामने आते ही मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया। आम लोगों से लेकर राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए कि आखिर चूहे-दीमक इतनी बड़ी मात्रा में धान कैसे खा सकते हैं।


सोशल मीडिया पर उड़ने लगा मजाक

‘चूहा-दीमक थ्योरी’ को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स और तंज भरे पोस्ट वायरल होने लगे
कई यूजर्स ने इसे लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और इसे “साल का सबसे अजीब स्पष्टीकरण” तक बता दिया।


आदेश में क्या कहा गया

मार्कफेड मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी ने मीडिया के समक्ष तथ्यों की पुष्टि किए बिना भ्रामक व गलत जानकारी प्रस्तुत की, जिससे शासन और विभाग की छवि धूमिल हुई। अधिकारी का यह आचरण सेवा नियमों के विपरीत पाया गया। इसी आधार पर सेवा नियम कंडिका 27(1) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बिलासपुर निर्धारित किया गया है।


राजनीतिक घेराबंदी भी तेज

धान शॉर्टेज मामले को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। कांग्रेस के बाद जोगी कांग्रेस ने भी प्रदर्शन कर CBI जांच की मांग की। जोगी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संग्रहण केंद्र में प्रतीकात्मक रूप से चूहे खोजकर विरोध जताया था।


अब बड़ा सवाल

करोड़ों का धान आखिर गया कहां?
क्या यह महज लापरवाही है या कोई बड़ा घोटाला?

फिलहाल अधिकारी के निलंबन से साफ है कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है और आगे जांच में और खुलासे हो सकते हैं।


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