
13 अक्टूबर से प्रदेशभर में आंदोलन शुरू, पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग; बोले—जमीनी समस्याओं का समाधान किए बिना सत्यापन का दबाव बनाया जा रहा
कवर्धा। फसल भौतिक सत्यापन (PV) ऐप की तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं के निराकरण, लंबित पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ ने 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है। संघ के अनुसार, लंबे समय से मांगों को लेकर ज्ञापन देने के बावजूद शासन-प्रशासन स्तर पर ठोस पहल नहीं होने से पटवारियों में असंतोष है।
खेतों तक पहुंचना और नक्शे से मिलान करना चुनौती
पटवारी संघ का कहना है कि PV ऐप में दर्ज प्रत्येक खसरे तक पहुंचकर फसल का भौतिक सत्यापन करना अनिवार्य किया गया है, लेकिन कई क्षेत्रों में यह प्रक्रिया जमीनी परिस्थितियों के कारण कठिन है। खेतों तक पहुंच मार्ग नहीं होना, बड़े क्षेत्रफल, मेड़ और राजस्व नक्शे में अंतर, जलभराव तथा गन्ने की फसल के बीच से गुजरने जैसी परिस्थितियां सत्यापन में बाधा बन रही हैं।

संघ के मुताबिक, नक्शे में बटांकन और अन्य अभिलेखीय विसंगतियों के कारण ऐप में दर्ज कुछ खसरों का मौके पर सही मिलान करना भी मुश्किल होता है। ऐसी स्थिति में जियो रेफरेंसिंग शीट, मैप ओवरले और आवश्यक तकनीकी संसाधनों के बिना निर्धारित समय-सीमा में सत्यापन पूरा करना व्यावहारिक नहीं है।
दबाव और विभागीय कार्रवाई पर जताई नाराजगी
संघ ने आरोप लगाया कि इन समस्याओं से शासन-प्रशासन को पहले भी अवगत कराया गया, लेकिन समाधान के बजाय काम पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है। संघ का कहना है कि निलंबन और स्थानांतरण जैसी विभागीय कार्रवाई की स्थिति बनने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी है। पटवारी संघ ने मांग की है कि तकनीकी खामियों और मैदानी कठिनाइयों का निराकरण किए बिना कर्मचारियों को दंडात्मक कार्रवाई के दबाव में न रखा जाए।
पदोन्नति और वेतन विसंगति भी प्रमुख मांगें
PV ऐप की समस्याओं के साथ पटवारी संवर्ग की लंबित पदोन्नति और वेतन विसंगति का मुद्दा भी हड़ताल का प्रमुख कारण है। संघ का कहना है कि इन मांगों पर लंबे समय से निर्णय लंबित है। प्रदेशभर के पटवारी अपनी मांगों के समर्थन में पंडाल में बैठकर आंदोलन कर रहे हैं।
संघ ने शासन से PV ऐप की प्रक्रिया को व्यावहारिक बनाने, आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने, अनावश्यक दबाव एवं दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने तथा पदोन्नति और वेतन विसंगति के निराकरण के लिए ठोस निर्णय लेने की मांग की है। फिलहाल, संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। शासन की ओर से मांगों पर किसी निर्णय की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।





