कवर्धा। कबीरधाम जिले में बैगा आदिवासियों की लंबित भूमि संबंधी समस्याओं को लेकर आज से बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद, जिला शाखा कबीरधाम के नेतृत्व में बैगा समाज के लोग कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। संगठन का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के लिए कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
परिषद के जिलाध्यक्ष कामू बैगा ने बताया कि जिले में बैगा आदिवासी परिवारों की भूमि से जुड़े कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। इनमें कथित अवैध बेदखली, वनाधिकार पट्टों का वितरण और भूमि विवादों का निराकरण प्रमुख मुद्दे हैं। उनका आरोप है कि बार-बार आवेदन और मांग के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ये हैं आंदोलन की प्रमुख मांगें
बैगा आदिवासियों की जमीनों से कथित अवैध बेदखली पर तत्काल रोक लगाई जाए।
लंबित वनाधिकार पट्टों का शीघ्र और पारदर्शी वितरण किया जाए।
भूमि संबंधी विवादों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष शिविर लगाए जाएं।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। उनका कहना है कि जब तक मांगों पर प्रशासन ठोस निर्णय नहीं लेता, तब तक धरना जारी रहेगा।
अब जिले की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि बैगा समाज की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।
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रुपेश चन्द्रवंशी
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लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication)
डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव
के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
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लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication)
डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव
के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस दौरान
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