कवर्धा। सर्व शिक्षा अभियान के तहत कबीरधाम जिले में पदस्थ 50 से ज्यादा कलेक्टर दर और संविदा कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। पहले से ही नियमित कर्मचारियों की तुलना में कम मानदेय पर काम कर रहे इन कर्मचारियों के लिए भुगतान में देरी अब आर्थिक परेशानी का कारण बन रही है।
कर्मचारियों का कहना है कि सीमित वेतन में परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, किराया और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में लगातार तीन महीने तक वेतन नहीं मिलने से आर्थिक दबाव बढ़ गया है। उनका कहना है कि वे नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, इसलिए वेतन भुगतान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
विभागीय व्यवस्था पर सवाल
तीन महीने तक भुगतान लंबित रहने को लेकर विभाग प्रमुख की कार्यप्रणाली और भुगतान व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यदि बजट, आबंटन या तकनीकी प्रक्रिया के कारण भुगतान अटका है तो इसकी जानकारी कर्मचारियों को दी जानी चाहिए और समय पर समाधान के लिए पहल होनी चाहिए थी।
विभाग प्रमुख को लंबित वेतन जल्द जारी करने के साथ ही भुगतान में देरी का कारण स्पष्ट करनी चाहिए। कर्मचारियों का कहना है कि कम मानदेय पर काम करने वाले संविदा कर्मचारियों के लिए समय पर वेतन मिलना बेहद जरूरी है।
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रुपेश चन्द्रवंशी
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लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication)
डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव
के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
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लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication)
डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव
के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस दौरान
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