कुर्मी समाज के महासम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने एकता और विकास का दिया संदेश

डोंगरिया में सामाजिक सम्मेलन के मंच से 50 करोड़ की सिंचाई परियोजना सहित कई विकास कार्यों की घोषणा
कवर्धा। कबीरधाम जिले के डोंगरिया में रविवार को आयोजित अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में समाज की एकजुटता, सामाजिक समरसता और विकास का बड़ा संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए और समाज की भूमिका को देश व प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठित समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव होता है। कुर्मी समाज ने खेती-किसानी, शिक्षा, सामाजिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में हमेशा अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभ भाई पटेल का उल्लेख करते हुए समाज के गौरवशाली इतिहास को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को कई विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने 50 करोड़ रुपए की लागत से क्षीरपानी जलाशय मध्यम परियोजना के नहर विस्तारीकरण की घोषणा की, जिससे लगभग 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ेगी। इसके अलावा जलेश्वर महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए तथा खरहट्टा से डोंगरिया तक 2.5 किलोमीटर सड़क उन्नयन कार्य की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, किसान और गरीबों के विकास को केंद्र में रखकर काम कर रही है। महतारी वंदन योजना, सिंचाई परियोजनाएं, सड़क और रेलवे विस्तार जैसे कार्यों से प्रदेश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज की ताकत उसकी एकता और संगठन में होती है। कुर्मी समाज मेहनतकश और प्रगतिशील समाज है, जिसने हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज शिक्षा, कृषि, व्यवसाय और प्रशासनिक क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है और महिलाएं भी नेतृत्व की भूमिका में आगे आ रही हैं।
सम्मेलन में समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूनम चंद्राकर, राष्ट्रीय सचिव अंबिका चंद्रवंशी, प्रदेश अध्यक्ष चंद्रभूषण वर्मा, जिला अध्यक्ष मुरली चंद्राकर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत युवाओं, छात्र-छात्राओं एवं समाज के लोगों को शॉल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं विभिन्न वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में समाज की एकता, संगठन और आने वाली पीढ़ी को शिक्षा व संस्कार से मजबूत बनाने पर जोर दिया।



