कवर्धा विशेष

DMF फंड पर उठे सवाल, सड़क-पुलिया कार्यों में खर्च, पेयजल-स्वास्थ्य पर नहीं ध्यान: युवा कांग्रेस

कवर्धा। खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बनाए गए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) फंड के उपयोग को लेकर कबीरधाम जिले में सवाल उठने लगे हैं। युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि डीएमएफ मद से स्वीकृत निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी की जा रही है और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की बजाय भौतिक अधोसंरचना के कार्यों पर ज्यादा राशि खर्च की जा रही है।

जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले की चारों जनपद पंचायतों—कवर्धा, पंडरिया, बोड़ला और सहसपुर लोहारा—में करीब 22 करोड़ रुपए के कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस राशि से लगभग 158 से 165 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें अधिकांश कार्य सड़क और पुलिया निर्माण से जुड़े बताए जा रहे हैं।

युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव आकाश केशरवानी ने आरोप लगाया कि डीएमएफ नियमों के अनुसार फंड की 60 प्रतिशत राशि पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, कृषि, कौशल विकास और स्वच्छता जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च की जानी चाहिए। लेकिन जिले में इन क्षेत्रों के लिए बहुत कम राशि स्वीकृत की गई है, जबकि अधोसंरचना से जुड़े कार्यों पर अधिक खर्च किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि सबसे अधिक स्वीकृति बोड़ला जनपद पंचायत में लगभग 13.42 करोड़ रुपए की बताई जा रही है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में आज भी लोग स्वच्छ पेयजल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर भी सवाल

युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीएमएफ से संचालित निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और गुणवत्ताहीन काम का आरोप लगाते हुए जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपा है। आरोप है कि कई कार्यस्थलों पर सूचना बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं और कई जगह कार्य पूर्ण होने के बाद औपचारिकता के तौर पर बोर्ड लगाए जा रहे हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई कार्य पंचायतों के माध्यम से कराए जाने थे, लेकिन व्यवहार में बाहरी ठेकेदारों के माध्यम से काम कराया जा रहा है। इससे स्थानीय भागीदारी और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कई निर्माण कार्यों पर उठे सवाल

युवा कांग्रेस ने रोल चेकडेम के पास पुलिया निर्माण, किसानटोला सरस रद्दा में पुलिया, चौरा भोरमदेव में चेकडेम, कोमो-मुडघुसरी जंगल में पुलिया और कोटनानाला चेन्द्रादार में आरसीसी पुलिया जैसे कार्यों में गुणवत्ता और लागत को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

युवा कांग्रेस का कहना है कि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों—पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा—के लिए पर्याप्त राशि जारी नहीं होना डीएमएफ के मूल उद्देश्य के विपरीत है। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान अमित वर्मा, विष्णु नेताम, नरेंद्र वर्मा, ओमकलेश्वर कौशिक, हेमराज कौशिक, नरेश साहू, रामसजीवन धुर्वे, अनिल सिन्हा, बाबूलाल साहू, तुसार वर्मा, भूपेंद्र ठाकुर और कोमल साहू सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

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