“संत नहीं, आस्था पर हमला! कवर्धा में गूंजा सनातन हिंदू समाज का विरोध”

कवर्धा। उत्तर प्रदेश में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में कवर्धा में आज सनातन हिंदू समाज सड़कों पर उतर आया।
बुधवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सिग्नल चौक पर एकत्र हुए, जहां आक्रोशित लोगों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह किसी एक संत का नहीं, बल्कि पूरे सनातन हिंदू समाज की आस्था, परंपरा और धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
पुतला दहन के बाद प्रदर्शनकारी स्वामी शंकराचार्य जी का चित्र हाथों में लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कलेक्टर से सीधे मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की मांग की। कलेक्टर की तत्काल उपलब्धता न होने पर प्रदर्शनकारी मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए और करीब एक घंटे तक “श्रीराम जय राम” के भजन करते हुए अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया।
बाद में प्रतिनिधिमंडल स्वामी शंकराचार्य जी के चित्र के साथ कलेक्टर कार्यालय के भीतर पहुंचा। कलेक्टर ने शंकराचार्य जी के चित्र के समक्ष नतमस्तक होकर वंदन किया, प्रदर्शनकारियों की बातें गंभीरता से सुनीं और ज्ञापन को शीघ्र राष्ट्रपति कार्यालय भेजने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि पूरे प्रकरण की केंद्र स्तर पर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच समिति गठित की जाए। साथ ही घटना के लिए जिम्मेदार उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए। दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर कड़ी सजा देने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा भविष्य में किसी भी धर्माचार्य, संत या धार्मिक परंपरा के साथ दुर्व्यवहार न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “उत्तर प्रदेश सरकार की तानाशाही बंद करो”, “उत्तर प्रदेश पुलिस की गुंडागर्दी बंद करो” और “हिंदुओं का अपमान बंद करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोगों में गहरा आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला।
इस विरोध प्रदर्शन में ओमप्रकाश शर्मा, सुनील केशरवानी, मेघनंद शास्त्री, बंटी तिवारी, बिहारी पटेल, दीपक ठाकुर, श्रीनिवास मिश्रा, राजेश मार्कण्डे, भक्कू यादव, चोवा साहू, शीतल साहू, कामता प्रसाद पाठक, राजेश पाठक, सुधीर केशरवानी और वीरेंद्र जांगड़े सहित बड़ी संख्या में सनातन हिंदू समाज के लोग मौजूद रहे।



