100 से ज्यादा आदिवासी मजदूरों की मजदूरी अटकी! 3 महीने से भुगतान नहीं, दफ्तर पहुंचे मजदूर

मार्च से जून तक वन विभाग में कराया काम, भुगतान के लिए कार्यालय के चक्कर; कांग्रेस नेता आकाश केशरवानी ने लगाया शोषण का आरोप, DFO बोले- इसी महीने होगा भुगतान
कवर्धा। वनांचल ग्राम मुड़वाही के 100 से अधिक आदिवासी मजदूरों की मजदूरी तीन महीने से अटकी हुई है। मजदूरों का आरोप है कि वन विभाग ने मार्च से जून तक गड्ढा खुदाई, पौधरोपण और घास कटिंग सहित विभिन्न कार्य कराए, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। मजदूरी के लिए मजदूरों को अब विभागीय कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
भुगतान के लिए DFO कार्यालय पहुंचे मजदूर
मजदूरों ने वन मंडलाधिकारी से मुलाकात कर लंबित मजदूरी का जल्द भुगतान कराने की मांग की। उनका आरोप है कि सक्षम अधिकारी से शिकायत के बाद भी उन्हें रेंजर से मिलने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। तीन महीने से भुगतान नहीं मिलने से मजदूरों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि मेहनत की मजदूरी मिलने तक वे कार्यालय से वापस नहीं जाएंगे।
आकाश बोले- आदिवासी माताओं का शोषण हुआ

कांग्रेस नेता आकाश केशरवानी ने मजदूरों की समस्या को लेकर वन विभाग के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “हमारी आदिवासी माताओं ने कड़ी मेहनत की और विभाग ने इनका शोषण किया। तीन महीने बीतने के बाद भी तीज जैसे त्योहारों पर भुगतान नहीं हुआ और उन्हें अपनी मजदूरी के लिए कार्यालय तक पहुंचना पड़ा। इससे पता चलता है कि सरकार ध्वस्त हो चुकी है और आम जनता से उसका संवाद खत्म हो चुका है।”
उन्होंने वन विभाग से तत्काल लंबित मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की।
DFO बोले- सरकारी प्रक्रिया के चलते लंबित है भुगतान

इधर, वन मंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि सरकारी प्रक्रिया के चलते भुगतान लंबित है। उन्होंने कहा कि इसी महीने के भीतर मजदूरों का भुगतान करा दिया जाएगा।



