भोरमदेव शक्कर कारखाने में टूल डाउन, कर्मचारी असंतोष से छा सकता है पेराई सीजन पर संकट के बादल

कवर्धा। कबीरधाम जिले का भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना इन दिनों कर्मचारियों के असंतोष से जूझ रहा है। अधिकारी–कर्मचारी संघ के आह्वान पर नियमित कर्मचारियों ने 10 से 12 सितंबर तक तीन दिवसीय सांकेतिक टूल डाउन किया। करीब 90 कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हुए। संघ का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो अगला कदम अनिश्चितकालीन हड़ताल होगा।
संघ अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा ने बताया कि कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगें लंबे समय से लंबित हैं। 1 अप्रैल 2023 से अब तक महंगाई भत्ते में कोई वृद्धि नहीं हुई है। 20 वर्ष सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को संचालक मंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के बावजूद द्वितीय क्रमोन्नति का लाभ नहीं दिया गया। वहीं, ग्रेच्युटी की मांग भी दो वर्षों से अधूरी है।
फिलहाल कारखाने में मेंटेनेंस कार्य चल रहा है, लेकिन कर्मचारियों के टूल डाउन से यह काम प्रभावित हुआ है। संघ का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो पेराई सत्र की शुरुआत में देरी होगी, जिससे गन्ना उत्पादक किसानों को सीधे नुकसान उठाना पड़ेगा।
संघ ने आंदोलन की सूचना जिला कलेक्टर को भी दी है। साथ ही साफ चेतावनी दी है कि यह तीन दिवसीय सांकेतिक आंदोलन सिर्फ शुरुआत है, आगे की लड़ाई अनिश्चितकालीन हड़ताल के रूप में होगी।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि भोरमदेव शक्कर कारखाना क्षेत्र के किसानों और कर्मचारियों के लिए जीवनरेखा रहा है, लेकिन प्रबंधन की उदासीनता के चलते आज इसकी स्थिति कमजोर हो रही है। यदि समय रहते सकारात्मक पहल नहीं हुई तो इसका असर सिर्फ कारखाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे जिले की कृषि अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।



