वीएसके ऐप के विरोध में शिक्षकों का आक्रोश, डीईओ को सौंपा ज्ञापन

कवर्धा। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के आह्वान पर वीएसके (VSK) ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति के विरोध में जिलेभर के शिक्षकों ने गुरुवार को विरोध दर्ज कराया। जिला अध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा के नेतृत्व में शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की।
संघ ने स्पष्ट किया कि वे ऑनलाइन उपस्थिति और मॉनिटरिंग व्यवस्था के विरोधी नहीं हैं, लेकिन शिक्षकों के निजी मोबाइल फोन में वीएसके एप को अनिवार्य रूप से इंस्टॉल कराने के निर्णय से असहमति रखते हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि शासन द्वारा जारी निर्देशों के तहत शिक्षकों को अपने निजी मोबाइल में वीएसके एप डाउनलोड कर उपयोग करने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जो निजता के अधिकार और साइबर सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है। संघ का कहना है कि इस एप के माध्यम से शिक्षकों की व्यक्तिगत जानकारी और मोबाइल डाटा की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।
फेडरेशन ने मांग की है कि यदि उपस्थिति या मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू करनी है तो उसके लिए विभागीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, न कि शिक्षकों के निजी साधनों का उपयोग अनिवार्य किया जाए।

प्रांतीय आह्वान के तहत जिले के सभी विकासखंडों में एक साथ ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान जिला संयोजक राजेंद्र प्रसाद शर्मा, कार्यकारी जिला अध्यक्ष केशलाल साहू, जिला उपाध्यक्ष नवीन सिंह ठाकुर, कवर्धा ब्लॉक अध्यक्ष लोकेंद्र चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
ज्ञापन सौंपते समय शिक्षकों ने कहा कि यदि शासन द्वारा जल्द ही इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस अवसर पर राजेश कुमार पांडे, शंकर लाल पाली, महेश जयसवाल, रवि कुमार सिंह, शीलू शर्मा, रानी शर्मा, रवि कुमार सिन्हा, प्रकाश धुर्वे, विजय कुमार झारिया, गोपाल चंद्राकर, श्रीमती सविता धुर्वे, बुद्धेश्वरी शर्मा, चंद्राकर सहित अनेक शिक्षक मौजूद रहे।



