कवर्धा में किसानों का बड़ा प्रदर्शन, ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतरे अन्नदाता

चक्काजाम से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित, छह स्थानों पर बैरिकेडिंग; 300 से अधिक जवान तैनात, मांग पूरी होने तक डटे रहने की तैयारी
कवर्धा। भारतीय किसान संघ के आह्वान पर गुरुवार को कवर्धा में किसानों का बड़ा आंदोलन देखने को मिला। जिले के अलग-अलग गांवों से किसान ट्रैक्टर लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे। बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के शहर में प्रवेश के बाद प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। किसानों ने अलग-अलग स्थानों पर चक्काजाम करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार कवर्धा में करीब 2 हजार ट्रैक्टरों के साथ हजारों किसान सड़कों पर उतरे। बलराम किसान न्याय यात्रा के तहत हुए इस प्रदर्शन का असर शहर के प्रमुख मार्गों पर दिखाई दिया और यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।
पंजाब की तर्ज पर लंबे आंदोलन की तैयारी

आंदोलन के दौरान मौके पर किसानों की तैयारी देखकर संकेत मिला कि किसान इसे केवल कुछ घंटे के प्रदर्शन तक सीमित रखने के बजाय मांगें पूरी होने तक डटे रहने की तैयारी में हैं। किसानों के लिए मौके पर खाना-पीना और आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे किसान आंदोलन स्थल पर ही रुकने की तैयारी में नजर आए।
इस तरह की व्यवस्था से आंदोलन का स्वरूप लंबे धरने जैसा दिखाई दे रहा है। हालांकि इसे औपचारिक रूप से किसी दूसरे राज्य के आंदोलन की हूबहू नकल नहीं कहा जा रहा, लेकिन मौके की व्यवस्थाएं पंजाब में देखे गए लंबे किसान आंदोलनों की तरह लगातार डटे रहने वाली तैयारी की याद दिला रही हैं। पंजाब के हालिया किसान प्रदर्शनों में भी किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ राशन, सामुदायिक रसोई और ठहरने की व्यवस्था लेकर पहुंचे थे।

बिलासपुर रोड पर रामधुनी, भजनों के बीच किसानों का प्रदर्शन

किसान आंदोलन में एक अलग और आकर्षक दृश्य बिलासपुर रोड स्थित प्रदर्शन स्थल पर देखने को मिला। यहां आंदोलनरत किसानों ने रामधुनी और राम नाम संकीर्तन का आयोजन किया है।
किसान लगातार रामधुनी और भजन-कीर्तन कर रहे हैं। आंदोलन स्थल पर किसान खेती-किसानी से जुड़ी अपनी मांगों के साथ धार्मिक वातावरण में भी नजर आए। राम नाम संकीर्तन के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
भारतीय किसान संघ की ओर से आंदोलन के दौरान हरिकीर्तन और रामधुनी की व्यवस्था किए जाने की जानकारी पहले से दी गई थी। बिलासपुर रोड के जोराताल चौक सहित अन्य स्थानों पर भी रामधुनी के आयोजन की योजना बताई गई थी।
गन्ना बोनस, धान भुगतान से लेकर सिंचाई तक मांगें

भारतीय किसान संघ की ओर से 11 सूत्रीय मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। इनमें गन्ने पर 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस, गन्ना और बागवानी फसलों को कृषक उन्नति योजना से जोड़कर 15 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रतिवर्ष आदान सहायता देने की मांग प्रमुख है।
इसके अलावा धान के समर्थन मूल्य में पिछले वर्षों की वृद्धि को जोड़कर भुगतान, लंबित चौथी किश्त का भुगतान, जिले के दोनों शक्कर कारखानों की क्षमता बढ़ाने, गन्ना किसानों को समय पर भुगतान और गन्ने को फसल बीमा के दायरे में लाने की मांग शामिल है।
किसानों ने घूमंतू गोवंश के पुनर्वास, समितियों में धान की तौल 40.700 किलो करने, सुतियापाठ जलाशय की नहर-नाली विस्तार, पिलारी और घोघरा नहर-नाली विस्तार, नेवारी व्यपवर्तन को खपरी तक बढ़ाने और करिया आमा बांध निर्माण की मांग भी रखी है। गन्ना किसानों के त्वरित भुगतान के लिए रिवॉल्विंग फंड की मांग भी इसमें शामिल है।
गन्ना भुगतान और खाद-बीज का मुद्दा भी प्रमुख

किसान संगठन की ओर से गन्ने के लंबित भुगतान को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बताया गया है। संगठन का दावा है कि सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाने से किसानों का 30 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान लंबित है। इसके साथ ही खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी किसानों ने समस्या उठाई है। ये आंकड़े और आरोप किसान संगठन के दावे पर आधारित हैं।
छह स्थानों पर बैरिकेडिंग, 300 से ज्यादा जवान तैनात

किसानों के बड़े प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए। शहर के करीब छह प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर आवागमन को नियंत्रित किया गया। 300 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई।
प्रमुख प्रवेश मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी की। प्रशासन की ओर से एंबुलेंस, स्कूली बस और जरूरी सेवाओं के वाहनों का रास्ता बनाए रखने पर भी ध्यान दिया गया।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष डोमन चंद्रवंशी ने बताया कि किसानों का प्रदर्शन और चक्काजाम मांगें पूरी होने तक जारी रखने की बात कही गई है। किसानों की तैयारी भी इसी दिशा में दिखाई दे रही है। मौके पर भोजन-पानी की व्यवस्था की गई है और किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ आंदोलन स्थल पर डटे हुए हैं।
फिलहाल प्रदर्शन जारी है और प्रशासन या सरकार की ओर से किसानों के साथ बातचीत शुरू होने की जानकारी नहीं है। ऐसे में किसानों का आंदोलन आगे किस रूप में बढ़ता है, इस पर नजर बनी हुई है।
शहर की सामान्य दिनचर्या प्रभावित
चक्काजाम और ट्रैक्टरों की बड़ी संख्या के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। कई जगह वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी, जबकि वैकल्पिक मार्गों पर भी दबाव बढ़ गया। बाजार और व्यावसायिक क्षेत्रों में इसका असर दिखाई दिया।
किसानों के इस प्रदर्शन में एक तरफ बड़ी संख्या में ट्रैक्टर और चक्काजाम दिखाई दिया, तो दूसरी तरफ आंदोलन स्थल पर भोजन की व्यवस्था, किसानों के रुकने की तैयारी और बिलासपुर रोड पर रामधुनी-राम नाम संकीर्तन ने आंदोलन को अलग स्वरूप दिया। अब किसानों की नजर मांगों के समाधान पर है और किसान संगठन ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।





