किसान आंदोलन के चलते स्कूलों की चिंता बढ़ी, अवकाश या सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने की मांग

कवर्धा। भारतीय किसान संघ के आंदोलन और चक्काजाम के कारण कवर्धा शहर के चारों ओर आवागमन प्रभावित होने से अब शिक्षकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता सामने आने लगी है। इसी संबंध में शिक्षक संगठनों की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को अलग-अलग आवेदन देकर 09 अक्टूबर को अवकाश घोषित करने अथवा शिक्षकों के लिए आवागमन का मार्ग सुचारू कराने की मांग की गई है। वहीं, जिले के कुछ निजी स्कूलों ने भी शुक्रवार को अवकाश घोषित कर दिया है।
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के जिलाध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा ने 08 अक्टूबर को जिला शिक्षा अधिकारी को दिए आवेदन में कहा है कि किसान आंदोलन के कारण कवर्धा नगर के चारों दिशाओं में मार्ग बाधित हैं। जिले के अधिकांश शिक्षक कवर्धा में निवास करते हैं और प्रतिदिन यहां से अपने-अपने विद्यालयों में आवागमन करते हैं। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण शिक्षकों के लिए विद्यालय तक सुरक्षित एवं सुचारू रूप से पहुंचना कठिन हो गया है। आवेदन में 09 अक्टूबर को भी आंदोलन जारी रहने की संभावना को देखते हुए जिले में सार्वजनिक/शैक्षणिक अवकाश घोषित करने का अनुरोध किया गया है।

इसी तरह छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने भी जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन देकर 09 अक्टूबर को शिक्षकों के स्कूल पहुंचने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और आवागमन का रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि 08 अक्टूबर को स्कूल से वापसी के दौरान कवर्धा जाने वाले शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा तथा कुछ लोगों को वाहन छोड़कर पैदल तक जाना पड़ा।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि किसान संघ का आंदोलन अनिश्चितकालीन बताया जा रहा है और जिले के आसपास के विद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं कवर्धा से आवागमन करते हैं। ऐसे में उनके सुरक्षित आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है।

निजी स्कूलों ने भी घोषित किया अवकाश
आवागमन की स्थिति को देखते हुए जिले के कुछ निजी विद्यालयों ने भी 09 अक्टूबर को अवकाश घोषित कर दिया है। इससे स्पष्ट है कि किसान आंदोलन के कारण सड़क मार्ग प्रभावित होने का असर अब स्कूल संचालन पर भी पड़ने लगा है।
फिलहाल सरकारी स्कूलों को लेकर जिला शिक्षा विभाग की ओर से 09 अक्टूबर के लिए जिलेव्यापी अवकाश की घोषणा की जायेगी या नहीं, यह प्रशासन के आगामी आदेश पर निर्भर करेगा। शिक्षक संगठनों ने अपनी ओर से सुरक्षा और आवागमन की समस्या को देखते हुए अवकाश अथवा वैकल्पिक मार्ग की मांग रखी है।





