“सामूहिक दुष्कर्म से सुलगा कबीरधाम, आदिवासी समाज का 24 घंटे का अल्टीमेटम”

आदिवासी बेटी पर दरिंदगी से दहला कबीरधाम: समाज का अल्टीमेटम, 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं तो सड़कों पर उतरेंगे लाखों लोग
कवर्धा। कबीरधाम की धरती गुरुवार को आक्रोश से कांप उठी। बुधवार आधी रात आदिवासी समाज की एक बेटी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म ने पूरे समाज को झकझोर दिया। वारदात को 24 घंटे से ज्यादा वक्त गुजर जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। न आरोपी पकड़े गए, न सुराग मिला। इस खामोशी और ढिलाई ने आदिवासी समाज को आगबबूला कर दिया। अब उन्होंने सीधे राज्यपाल, मुख्यमंत्री और एसटी आयोग अध्यक्ष तक को संदेश दे दिया है— “न्याय चाहिए, वरना आंदोलन होगा।”
आधी रात की वारदात, सुस्त पुलिस
घटना 24 सितंबर की रात करीब तीन बजे हुई। आदिवासी समाज का कहना है कि यह महज एक बेटी की अस्मिता पर हमला नहीं, बल्कि पूरे समुदाय का अपमान है। बावजूद इसके, 24 घंटे बाद भी पुलिस की कार्रवाई सिर्फ कागजों में सिमटी रही। समाज का गुस्सा अब फूट पड़ा है।
चार मांगें, एक अल्टीमेटम
गुरुवार को सौंपे गए ज्ञापन में समाज ने चार सख्त शर्तें रखीं—
- 24 घंटे में गिरफ्तारी: आरोपियों को हर हाल में पकड़ा जाए।
- बुलडोजर कार्रवाई: गिरफ्तारी के साथ ही अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चले।
- 50 लाख का मुआवजा: पीड़िता परिवार को तात्कालिक आर्थिक सहयोग मिले।
- कबाड़ीपारा केस पर रोक: आदिवासियों के खिलाफ दर्ज विवादित FIR की कार्रवाई तत्काल बंद हो।
“और बर्दाश्त नहीं होगा”
समाज का सीधा संदेश है—अब चुप्पी नहीं। अगर 24 घंटे में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरेंगे और आंदोलन की चिंगारी कबीरधाम से पूरे प्रदेश में फैल सकती है।



