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राज्यपाल रमेन डेका का कवर्धा दौरा: भोरमदेव मंदिर में पूजा-अर्चना, लखपति दीदियों से संवाद और मेधावी बच्चों को किया सम्मानित

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका आज कबीरधाम प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहरों का अवलोकन किया तथा आमजन, स्व-सहायता समूहों और विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया।

भोरमदेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना

राज्यपाल श्री डेका ने अपने परिवार सहित विश्वविख्यात बाबा भोरमदेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। रुद्राभिषेक और मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने मंदिर परिसर की गरिमामयी आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया और कहा कि यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी अमूल्य धरोहर है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र कुमार छवई, डीएफओ निखिल अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

लखपति दीदियों के हुनर को सराहा

भोरमदेव मंदिर प्रांगण में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन कर राज्यपाल ने “लखपति दीदियों” से मुलाकात की और उनके उद्यमों की जानकारी ली। उन्होंने ढोलबज्जा की सुखिया बैगा से बाँस की टोकरी, ग्राम सिल्हाटी की अन्नपूर्णा समूह से कोदो-कुटकी व महुआ लड्डू, एकता समूह से ब्लैक राइस और परंपरागत धान की प्रजातियों पर चर्चा की।

राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता ही वास्तविक सशक्तिकरण का आधार है। उन्होंने दीदियों को उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग पर ध्यान देने, ऑनलाइन मार्केटिंग व डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग बढ़ाने और पारंपरिक उत्पादों को ब्रांडिंग कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के टिप्स दिए।
इस अवसर पर उन्होंने स्व-सहायता समूहों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए लखपति दीदियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।

मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद

राज्यपाल श्री डेका ने जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों—प्रयास टॉपर प्रियंका मेरावी, 10वीं टॉपर भूमिका साहू, पीवीटीजी वर्ग के टॉपर पतिराम और राष्ट्रीय खो-खो खिलाड़ी अनुराधा मरकाम से भेंट की।
बच्चों के सपनों और आकांक्षाओं को जानकर उन्होंने कहा कि मेहनत, आत्मविश्वास और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज के लिए प्रेरणा बताया और उनके लिए ₹5,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने इस मौके पर सभी बच्चों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शिक्षा पर जोर

राज्यपाल ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की गतिविधियाँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही हैं और शिक्षा व खेल के क्षेत्र में बच्चों की सफलता समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक महिलाओं और विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचे तथा प्रशिक्षण और बाजार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।


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