अबूझमाड़ में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता: करोड़ों के इनामी नक्सली कोसा और राजू ढेर, माओवादी संगठन को तगड़ा झटका

नारायणपुर/कांकेर। छत्तीसगढ़ के दुर्गम अबूझमाड़ इलाके में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने एक निर्णायक सफलता दर्ज की है। मुठभेड़ में CPI (माओवादी) केंद्रीय समिति के वरिष्ठ सदस्य कोसा दादा @ कादरी सत्यनारायण रेड्डी (67 वर्ष) और राजू दादा @ कट्टा रामचंद्र रेड्डी (63 वर्ष) मारे गए। दोनों तेलंगाना के करीमनगर जिले के रहने वाले थे और दशकों से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थे।
कोसा पर ₹40 लाख और राजू पर भी ₹40 लाख का इनाम था। दोनों संगठन की केंद्रीय समिति के शीर्ष सदस्य थे और अबूझमाड़ व दंडकारण्य क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों को संचालित करते थे। घटनास्थल से एके-47, इंसास राइफल, बीजीएल लॉन्चर, भारी मात्रा में विस्फोटक और माओवादी साहित्य बरामद किया गया।
संगठन की कमर टूटी, छोटे कैडर सरेंडर की ओर
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि कोसा के मारे जाने के बाद नक्सलियों का जनताना कमेटी पर नियंत्रण लगभग खत्म हो गया है। अब छोटे कैडरों के आत्मसमर्पण की संभावना बढ़ गई है। इस साल अब तक कोसा और राजू समेत 5 केंद्रीय समिति सदस्य मारे जा चुके हैं, जिनमें महासचिव बसवराजु, चलपती और मॉडम बालकृष्ण शामिल हैं। पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में 500 से ज्यादा नक्सली मारे गए, 1300 ने आत्मसमर्पण किया और 1250 गिरफ्तार हुए। अब संगठन में केवल 4 पोलित ब्यूरो और 5 केंद्रीय समिति सदस्य ही सक्रिय बचे हैं।
आईजी सुंदरराज पी. का बयान
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद सुरक्षा बल पूरी निष्ठा और समर्पण से अभियान चला रहे हैं। उन्होंने माओवादी कैडरों से हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाने की अपील की।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोसा और राजू के मारे जाने से माओवादी संगठन की संरचना बुरी तरह कमजोर हुई है। सुरक्षा बल अबूझमाड़ और दंडकारण्य के इलाकों में अभियान और तेज करेंगे, ताकि 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया किया जा सके।



