कबीरधाम में 2000 मितानिनों का प्रदर्शन, ठेका प्रथा और अपूर्ण वादों के खिलाफ सरकार को चेतावनी

कवर्धा। कबीरधाम जिले में मंगलवार को मितानिनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 2000 मितानिन और मितानिन कर्मी रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि यदि वादे पूरे नहीं किए गए तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
मितानिनों ने कहा कि रायपुर के तूता माना में भी अलग-अलग जिलों की मितानिनें धरने पर बैठ रही हैं। उनका कहना है कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में मितानिनों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में शामिल करने और उनके काम के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि करने का वादा किया था, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ।
ठेका प्रथा का विरोध
मितानिनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के सत्ता में आए एक से डेढ़ साल हो गए, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। उल्टा शासन ने दिल्ली के एक NGO को मितानिन कार्यक्रम का ठेका दे दिया है। इसी ठेका प्रथा का अब प्रदेशभर की मितानिनें जोरदार विरोध कर रही हैं।
ब्लॉक समन्वयक सुमिति पाली ने कहा, “मितानिन कार्यक्रम को NGO को सौंपना गलत है, इससे जमीनी स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ेगा। हमें लंबे समय से उचित मानदेय और स्थायित्व से वंचित रखा गया है। यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो हम उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”



