कबीरधाम में भू-जल स्तर पुनर्भरण के लिए अभिनव पहल — 20 जून को एक साथ हर घर में बनेंगे सोख पिट

जल संरक्षण के महा अभियान में नागरिक लेंगे सामूहिक शपथ
कवर्धा। कबीरधाम जिला प्रशासन ने जल संकट से जूझते वर्तमान और भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाने की ठानी है। “मोर गांव मोर पानी” महा अभियान के तहत 20 जून को सुबह 6 बजे जिले के प्रत्येक घर में एक साथ, एक समय पर सोख पिट निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य है — घर और गांव का वर्षा जल वहीं पर सहेजना, और गिरते भू-जल स्तर को सामूहिक प्रयास से पुनर्जीवित करना।
इस अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण नागरिक, स्व-सहायता समूह की दीदियाँ, मनरेगा मजदूर, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, और सरकारी अधिकारी-कर्मचारी सहभागिता देंगे। सभी अपने आंगन, बाड़ी या घर के आसपास 3×3 फीट आकार का सोख पिट (रिचार्ज गड्ढा) बनाकर उसमें खपरैल, टूटी ईंटें आदि भरेंगे, ताकि बारिश का पानी सीधे जमीन में समा सके।
एक साथ शपथ, एक साथ संकल्प
इस दिन पूरे जिले में जल संरक्षण हेतु सामूहिक शपथ भी दिलाई जाएगी। नागरिक यह संकल्प लेंगे कि वे हर बूंद का सम्मान करेंगे और भूजल को बचाने के हर संभव प्रयास में सहभागी बनेंगे।
क्या है सोख पिट और कैसे करता है काम?
सोख पिट बनाना बेहद आसान है —
- 3 फीट गहरा और 3 फीट चौड़ा गड्ढा
- गड्ढे को खपरैल, पत्थर, ईंट के टुकड़ों से भरना
- बारिश का बहता पानी इस पिट में जमा होकर जमीन में रिसता है
- इससे भू-जल स्तर में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी होती है
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा की अपील – जन भागीदारी से ही बनेगा अभियान सफल
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने कहा, “यह केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि एक सामूहिक चेतना का प्रतीक है। जल संरक्षण की इस मुहिम में हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी, सोशल मीडिया जागरूकता और घर-घर संपर्क के माध्यम से लोगों को जोड़ा जा रहा है।”
मैदानी स्तर पर तैनात हैं प्रशिक्षित कर्मी – सीईओ अजय त्रिपाठी
जिला पंचायत सीईओ श्री अजय त्रिपाठी ने बताया कि अभियान की सफलता के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मैदानी कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें ग्रामीणों को मार्गदर्शन देने के लिए तैयार किया गया है। उनका मुख्य कार्य है — निर्माण की तकनीकी जानकारी देना और श्रमदान को प्रोत्साहित करना।
एक प्रयास, अनेक परिणाम
यह महा अभियान केवल सोख पिट निर्माण तक सीमित नहीं है। यह एक जल जागरूकता आंदोलन है, जो शहर से गांव और मैदानी इलाकों से वनांचल तक फैलेगा। कबीरधाम जिले में गिरते भू-जल स्तर को पुनर्जीवित करने का यह प्रयास तभी सार्थक होगा जब हर नागरिक इसकी जिम्मेदारी ले।
जिला प्रशासन की अपील है — आइए, 20 जून को हम सब मिलकर एक साथ जल संरक्षण की इस क्रांति का हिस्सा बनें। क्योंकि जल है तो जीवन है, और जीवन है तो भविष्य है।



