प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुंभ के दौरान मची भगदड़ पर काफी भावुक हो गए। इस दर्दनाक घटना में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 90 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घटना का वर्णन करते हुए उनकी आंखों में आंसू आ गए।
सीएम योगी ने घटना की जानकारी देते हुए कहा, “मौनी अमावस्या पर पवित्र डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु प्रयागराज में एकत्र हो रहे थे। कल शाम 7 बजे, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का हुजूम अखाड़ा मार्ग पर इकट्ठा हुआ था, जहां एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। इस दौरान भगदड़ मचने के कारण 90 से ज्यादा लोग घायल हो गए और 30 श्रद्धालुओं की जान चली गई।”
सीएम योगी ने बताया कि यह घटना भीड़ के कारण बैरिकेडिंग तोड़ने से हुई, जिससे भगदड़ मच गई। उन्होंने कहा, “36 घायलों का इलाज प्रयागराज में चल रहा है।”
मुआवजे की घोषणा
मृतकों के परिवारों के लिए सीएम योगी ने 25 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। यह घटना उत्तर प्रदेश सरकार के लिए बड़ा दुखद मोड़ है, और मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
📰 स्थानीय खबरें
•
🚨 क्राइम
•
🏛️ राजनीति
•
🎓 शिक्षा
•
🌾 किसान
•
💼 कारोबार
सीएम योगी ने कहा, “इस दुख की घड़ी में हम सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं और पूरी तरह से मदद करने का प्रयास करेंगे।”
About Author
रुपेश चन्द्रवंशी
खोजी पत्रकार|लेखक|संपादक
12+ वर्ष अनुभव
BJMC योग्यता
जुड़ें:
लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication)
डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव
के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
... Read More
लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication)
डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव
के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस दौरान
प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और वेब मीडिया
में पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है।
कार्यक्षेत्र में समाचार लेखन, संपादन, समसामयिक घटनाक्रम,
स्थानीय मुद्दे और जनसरोकार से जुड़े विषय प्रमुख रहे हैं।
तथ्यपरक समाचार प्रस्तुति, जमीनी मुद्दों की पड़ताल,
जनहित के विषयों, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों और खोजी खबरों
को प्रमुखता देना पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता रही है।
समाचारों के माध्यम से जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को सामने
लाना, तथ्यों को सरल एवं स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करना और
जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है।