कबीरधाम जिले में बनेगा मॉडल सोलर विलेजपीएम सूर्यघर योजना के तहत एक गांव का होगा चयन

एमएनआरई के मापदंडों पर 10 गांवों के बीच होगी प्रतिस्पर्धा
कवर्धा। भारत सरकार की पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत कबीरधाम जिले के एक गांव को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के मापदंडों पर जिले के 10 गांवों का चयन कर प्रतिस्पर्धा कराई जाएगी। निर्धारित अवधि में बेहतर प्रदर्शन करने वाले गांव को मॉडल सोलर विलेज घोषित किया जाएगा।
इस संबंध में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर योजना के मापदंडों और क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि चयनित गांवों में सौर ऊर्जा से जुड़े कार्यों का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना, बिजली पर निर्भरता को सशक्त बनाना और गांवों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
एक करोड़ रुपये तक का प्रावधान
बैठक में क्रेडा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एमएनआरई भारत सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में एक मॉडल सोलर विलेज विकसित किए जाने का प्रावधान है, जिसके लिए लगभग 1 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। योजना के तहत गठित समिति द्वारा राजस्व ग्रामों का चयन किया जाएगा।
ग्राम स्तर पर बनेगी आदर्श समिति
चयनित ग्राम पंचायत में आदर्श ग्राम समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें सरपंच, सचिव, पंच, शिक्षक, डॉक्टर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सहित अन्य शासकीय संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति डोर-टू-डोर संपर्क कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा योजनाओं के प्रति जागरूक करेगी।
डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान
डीएलसी और ग्राम समिति द्वारा पीएम सूर्यघर योजना, पीएम कुसुम, सौर सुजला योजना, जल जीवन मिशन सहित केंद्र व राज्य सरकार की नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं के अंतर्गत सौर संयंत्र स्थापना के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया जाएगा। साथ ही पेयजल व्यवस्था, पथ प्रकाश जैसे सार्वजनिक स्थलों पर सौर संयंत्र लगाने के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएंगे।
6 माह की प्रतिस्पर्धा, फिर होगा मूल्यांकन
पूरी प्रक्रिया के तहत अधिकतम 6 माह की प्रतिस्पर्धा कराई जाएगी। इसके बाद डीएलसी द्वारा उस गांव का मूल्यांकन किया जाएगा, जहां सर्वाधिक संख्या में सौर संयंत्र स्थापित किए गए होंगे। चयनित ग्राम को सौर आदर्श ग्राम घोषित कर उसका विस्तृत डीपीआर तैयार किया जाएगा, जिसे अनुमोदन के बाद एमएनआरई भारत सरकार को भेजा जाएगा।
24×7 सौर आधारित गांव बनाने का लक्ष्य
मॉडल सोलर विलेज का उद्देश्य चयनित गांव को 24×7 सौर आधारित ग्राम के रूप में विकसित करना है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सतत विकास को बढ़ावा मिल सके।
बैठक में क्रेडा विभाग के सब इंजीनियर धर्मेन्द्र लहरें, विद्युत विभाग, कृषि, बैंक और सांख्यिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।



