कवर्धा विशेषक्राइम सेलचर्चा में हैछत्तीसगढ़ प्रादेशिकपड़ताल

पेंड्रीकला धान उपार्जन केंद्र में 73.49 लाख की गड़बड़ी, 2272 क्विंटल धान कम मिला; खरीदी प्रभारी विवेक चंद्राकर पर एफआईआर

कवर्धा। जिले के पेंड्रीकला धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई है। भौतिक सत्यापन में केंद्र के स्टॉक से 2272 क्विंटल धान की कमी पाई गई है, जिसकी शासकीय कीमत 73 लाख 49 हजार 920 रुपए आंकी गई है। मामले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव की शाखा-कुण्डा के शाखा प्रबंधक राजेंद्र कुमार डाहिरे ने थाना कुण्डा में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर खरीदी प्रभारी विवेक चंद्राकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

जानकारी के अनुसार धान खरीदी विपणन वर्ष 2025-26 के तहत कलेक्टर (खाद्य शाखा) कबीरधाम के आदेश पर गठित संयुक्त जांच दल ने 12 जनवरी 2026 को सेवा सहकारी समिति मर्या पेंड्रीकला अंतर्गत धान उपार्जन केंद्र का भौतिक सत्यापन किया। जांच में पाया गया कि केंद्र में कुल 23 हजार 319.20 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी, जिसमें से 3 हजार 880 क्विंटल धान का उठाव हो चुका था। इस हिसाब से केंद्र में 19 हजार 439.20 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था, लेकिन मौके पर केवल 17 हजार 167.20 क्विंटल धान ही मिला। इस तरह 2272 क्विंटल धान की कमी सामने आई। इसके अलावा फड़ में 568 बोरा धान की अतिरिक्त कमी भी दर्ज की गई।

जांच रिपोर्ट के अनुसार कमी वाले धान की कीमत 70 लाख 43 हजार 200 रुपए तथा फड़ में कमी की कीमत 3 लाख 6 हजार 720 रुपए आंकी गई है। इस प्रकार शासन को कुल 73 लाख 49 हजार 920 रुपए का नुकसान हुआ है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि 19 नवंबर से 27 नवंबर 2025 तक खरीदी कार्य पर्यवेक्षक गुलशन दीवान के पास था, जिसके बाद 29 नवंबर को पूरा स्टॉक विवेक चंद्राकर को सौंपा गया। 28 नवंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 तक खरीदी और परिदान की जिम्मेदारी विवेक चंद्राकर के पास रही और इसी अवधि में धान की कमी पाई गई, जिससे पूरी जवाबदेही उन्हीं पर तय की गई है।

शिकायत में इसे धान उपार्जन नीति का उल्लंघन बताते हुए अमानत में खयानत और कूटरचना के जरिए शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(3), 316(5), 318(4), 336(3), 338 और 340 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। मामले के बाद से आरोपी फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। जिले में धान खरीदी के दौरान लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों ने व्यवस्था की निगरानी और पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Discover more from THE PUBLIC NEWS

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading