पंडरिया में 4.02 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, ग्रामीण-वनांचल इलाकों में बढ़ेंगी सुविधाएं

कवर्धा। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को लेकर नई स्वीकृतियां मिली हैं। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए कुल 4 करोड़ 2 लाख 88 हजार रुपए के कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन स्वीकृतियों में विधायक निधि से करीब 1 करोड़ 48 लाख रुपए, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से 1 करोड़ 30 लाख रुपए और मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत 1 करोड़ 24 लाख रुपए शामिल हैं।
स्वीकृत कार्यों में विभिन्न ग्राम पंचायतों में सीसी रोड, नाली निर्माण, पुलिया, मंच, पेयजल व्यवस्था और अन्य स्थानीय जरूरतों से जुड़े निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अलावा स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, सांस्कृतिक मंच और पेयजल सुविधाओं के विस्तार जैसे काम भी प्रस्तावित हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
क्षेत्र में वर्तमान में करीब 500 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिनमें कुछ पूर्ण हो चुके हैं और कई कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा इस वर्ष बजट में लगभग 200 किलोमीटर अतिरिक्त सड़क निर्माण को भी स्वीकृति मिली है, जिससे आने वाले समय में आवागमन और बेहतर होने की संभावना है।
सिंचाई और पेयजल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी बड़े स्तर पर काम चल रहा है। पंडरिया क्षेत्र में 300 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं संचालित हैं। सुतियापाट नहर विस्तार के लिए 78 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे कई सूखाग्रस्त गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में भी सड़क, आवास और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में 100 किलोमीटर से अधिक सड़क निर्माण, 3500 से अधिक प्रधानमंत्री आवास, 11 गांवों में बिजली पहुंचाने और पेयजल के लिए पानी टैंकर उपलब्ध कराने जैसे कार्य किए जा रहे हैं।
नगरीय क्षेत्रों में भी विकास कार्य जारी हैं। पंडरिया और पांडातराई में बायपास निर्माण, हरिनाला पुल, नालंदा लाइब्रेरी, मिनी स्टेडियम और नए नगर पालिका भवन जैसे प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कार्य भी चल रहे हैं।
इन स्वीकृत कार्यों के बाद ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में सड़क, नाली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा। बारिश के समय जलभराव की समस्या कम होने और किसानों, विद्यार्थियों व आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।



