खोलवा–कुम्हारी मार्ग पर वेट मिक्स कार्य में भारी लापरवाही — डस्टयुक्त गिट्टी, बिना पानी छिड़काव के हो रहा निर्माण; जनप्रतिनिधियों ने खोली लोक निर्माण विभाग की पोल

कवर्धा। विकासखंड सहसपुर लोहारा के ग्राम खोलवा से कुम्हारी मार्ग पर लोक निर्माण विभाग की ओर से किए जा रहे वेट मिक्स मैकडम कार्य में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में मानकों की घोर अनदेखी, घटिया सामग्री का उपयोग और विभागीय मिलीभगत के चलते सड़क की गुणवत्ता पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
करीब 2.30 किलोमीटर लंबा यह मार्ग 304.01 लाख रुपये की लागत से बनाया जा रहा है, लेकिन निर्माण की स्थिति देखकर ग्रामीण और जनप्रतिनिधि दोनों आक्रोशित हैं।
जनपद सदस्य एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष लीला वर्मा ने मौके पर निरीक्षण के बाद विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा —
“ठेकेदार और विभागीय अधिकारी खुली मिलीभगत से काम कर रहे हैं। सड़क निर्माण में मिट्टीयुक्त और डस्टभरी गिट्टी का इस्तेमाल हो रहा है, मानो मानक कोई मायने ही नहीं रखते। यह गृहमंत्री के विधानसभा क्षेत्र का हाल है, जहां विभाग आंख बंद कर बैठा है।”
वर्मा ने कहा कि जनता की आवाज को दरकिनार कर ठेकेदार अपनी मनमानी पर उतर आए हैं।
पूर्व मंडी उपाध्यक्ष चोवा राम साहू ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा —
“यहां अधिकारियों और ठेकेदारों पर कोई लगाम नहीं है। गृहमंत्री तक की बात ये अधिकारी एक कान से सुनते हैं और दूसरे कान से निकाल देते हैं। न कभी कार्रवाई होती है, न जांच — इसी से इनके हौसले बुलंद हैं।”
वहीं प्रदेश सचिव कांग्रेस जगमोहन साहू ने पारदर्शिता के अभाव को उजागर करते हुए बताया कि कार्य स्थल पर लगाए गए सूचना फलक में जानबूझकर अधूरी जानकारी दी गई है।
“बोर्ड पर न तो कार्य आदेश की तिथि दर्ज है, न अनुबंधानुसार पूर्णता तिथि। यह दर्शाता है कि विभाग जानबूझकर जवाबदेही से बचना चाहता है,” उन्होंने कहा।
प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस आकाश केशरवानी ने तकनीकी अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि मिक्स प्लांट में तैयार की जाने वाली सामग्री को मौके पर ही तैयार किया जा रहा है, जबकि पेवर मशीन की जगह ट्रैक्टर और डोज़र से सड़क बिछाई जा रही है।
“यह सब लोक निर्माण विभाग के संरक्षण में हो रहा है। वेट मिक्स की ग्रेडिंग घटिया है, 20 मिमी गिट्टी की जगह डस्ट डाली जा रही है और पानी का छिड़काव तक नहीं किया जा रहा। यह भ्रष्टाचार की खुली मिसाल है,” केशरवानी ने कहा।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य के शुरू होते ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने कभी स्थल निरीक्षण की जरूरत नहीं समझी।
अब जबकि जनप्रतिनिधियों ने खुलकर आवाज उठाई है, क्षेत्र में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापक असंतोष फैल गया है। लोग मांग कर रहे हैं कि इस सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए।



