कवर्धा। श्रावण मास के अवसर पर सोमवार को भोरमदेव मंदिर परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कबीरधाम घोष विभाग की ओर से भोरमदेव शंखनाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम का तीसरा वर्ष रहा। करीब दो महीने के अभ्यास के बाद स्वयंसेवकों ने करीब 30 मिनट तक सामूहिक घोष वादन और आकर्षक प्रदर्शन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में जिले के 25 स्वयंसेवकों के घोष दल ने हिस्सा लिया। घोष वादन में शंख, वेणु, आनक, प्रणव, झल्लारी और त्रिभुज जैसे वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया गया। स्वयंसेवकों ने शंख की किरण, उदय, श्रीराम और सोनभद्र तथा वेणु की भूप, मीरा, तिलंग और शिवरंजनी रचनाओं का वादन किया।
आयोजकों के अनुसार घोष वादन के माध्यम से स्वयंसेवकों में अनुशासन, एकाग्रता, आपसी तालमेल, आत्मविश्वास और सामूहिकता जैसे गुणों का विकास होता है। कार्यक्रम को दो चरणों में प्रस्तुत किया गया, जिसमें सामूहिक घोष वादन के साथ स्वयंसेवकों ने प्रदर्शन किया।
भोरमदेव शंखनाद कार्यक्रम में भोरमदेव सनातन तीर्थ समिति के सदस्य, श्रद्धालु और वरिष्ठ नागरिक सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने घोष वादन और प्रदर्शन का उत्साहवर्धन किया।
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कार्यक्रम को सफल बनाने में दुर्ग विभाग शारीरिक शिक्षण प्रमुख सीताराम धुर्वे, जिला घोष प्रमुख मनहरण वरबे सहित वरिष्ठ एवं बाल स्वयंसेवकों की भूमिका रही।
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रुपेश चन्द्रवंशी
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लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication)
डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव
के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
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लेखक/संपादक BJMC (Bachelor of Journalism & Mass Communication)
डिग्रीधारी एवं 12 वर्षों से अधिक के मीडिया अनुभव
के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस दौरान
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