वन अग्नि रोकथाम के लिए कवर्धा वनमंडल का विशेष अभियान, 10 गांवों में नुक्कड़ नाटक से जागरूकता

कवर्धा। गर्मी के मौसम को देखते हुए वन अग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए कवर्धा वनमंडल द्वारा व्यापक जनजागरूकता एवं रोकथाम अभियान संचालित किया जा रहा है। वन क्षेत्रों को आग के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने और प्रभावी अग्नि प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की गई हैं।
वन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी वन क्षेत्रों में फायर लाइन की कटाई-सफाई कराई गई है तथा फायर वॉचर्स की नियुक्ति की गई है। आग की सूचना मिलते ही त्वरित नियंत्रण के लिए वनमंडल कार्यालय, कवर्धा में फॉरेस्ट फायर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। साथ ही उपग्रह आधारित प्रणाली के माध्यम से प्राप्त फायर प्वाइंट्स की सूचना संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल पर तत्काल भेजी जा रही है, जिससे समय पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। अग्नि नियंत्रण के लिए वनमंडल के सभी परिक्षेत्रों में कुल 69 फायर ब्लोअर उपलब्ध कराए गए हैं।

वन अग्नि की रोकथाम के लिए महुआ वृक्षों की ब्लेजिंग कर कंट्रोल बर्निंग, गांवों में मुनादी, दीवार लेखन, पोस्टर चस्पा, विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन तथा सरपंच और संयुक्त वन प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों को अपील पत्र भेजने जैसी पहल भी की जा रही है।
इसके अतिरिक्त अंचल के प्रसिद्ध कलाकारों के दल ‘आस्था कला मंच कबीरधाम’ द्वारा गीत-नाटक-संगीत के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। 24 से 26 फरवरी 2026 तक बोडला विकासखंड के 10 ग्राम—प्रभुझोला, बेंदा, चोरभट्ठी, तेलीटोला, कनहारी, रोल, मुडवाही, बांधा, केसदा और छपरी (भोरमदेव)—में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें प्रत्येक गांव से लगभग 200 से 250 ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही।
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि जंगल में आग लगने की किसी भी घटना की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके और वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



