हरमो (सारंगढ़) शिवलिंग खंडित मामला : साहू समाज ने सौंपा ज्ञापन — कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग, सवाल भी उठने लगे…

कवर्धा। ग्राम सारंगढ़ (हरमो) स्थित शिव मंदिर और माँ कर्मा माता परिसर में हुए घटनाक्रम के बाद मामला अब नया मोड़ ले चुका है। शिवलिंग खंडित प्रकरण में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय साहू समाज ने पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए कुछ कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भी एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।
साहू समाज का आरोप है कि 07 अगस्त को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिवलिंग खंडित मामले में गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंदिर परिसर में धरना-प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता माँ कर्मा माता स्थल में जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश कर गए। समाज का कहना है कि यह उनकी आस्था पर सीधी चोट है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
ज्ञापन में समाज ने पुलिस प्रशासन से साफ कहा है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, वरना आंदोलन और बंद जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं।
लेकिन यहाँ सवाल भी खड़े होते हैं—क्या साहू समाज कांग्रेस के कवर्धा बंद के आह्वान का इंतजार कर रहा था? या फिर यह मुद्दा अब जाकर इसलिए उठाया गया क्योंकि शिवलिंग खंडित मामले का आरोपी गिरफ्तार हो चुका है? इतने दिनों बाद अचानक यह आरोप सामने आना कहीं राजनीतिक गणित से जुड़ा तो नहीं?
दरअसल, जिस दिन (7 अगस्त) कांग्रेस ने शिवलिंग खंडित मामले को लेकर धरना दिया, उसी दिन समाज का कहना है कि जूते-चप्पल पहनकर माता परिसर में घुसा गया। तो फिर यह आवाज़ उसी समय क्यों नहीं उठी? क्या साहू समाज आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहा था और अब आस्था के मुद्दे को हथियार बनाया जा रहा है?
अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है। क्या शिवलिंग खंडित प्रकरण के साथ ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई होगी? या यह मामला भी राजनीति की खींचतान में फंसकर रह जाएगा?



