
बोड़ला ब्लॉक के NSUI अध्यक्ष दुर्गेश जायसवाल ने उठाया मुद्दा, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं के लिए परिवहन सुविधा की मांग
कवर्धा। बस और ऑटो के किराए में बढ़ोतरी से स्कूली बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों के आवागमन का खर्च बढ़ने का मुद्दा सामने आया है। इस समस्या को लेकर बोड़ला ब्लॉक NSUI अध्यक्ष दुर्गेश जायसवाल ने विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क बस सेवा शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को रोजाना परिवहन पर खर्च करना पड़ता है, जिससे उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
जायसवाल ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से विद्यार्थियों की परिवहन संबंधी समस्याओं पर ध्यान देने की मांग की। उनका कहना है कि शिक्षा तक पहुंच केवल स्कूल-कॉलेज में प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए वहां तक पहुंचने का साधन सुलभ और किफायती होना भी जरूरी है।
ग्रामीण विद्यार्थियों की परेशानी पर उठाए सवाल
NSUI नेता के मुताबिक, दूर-दराज के गांवों से स्कूल और कॉलेज आने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन बस या ऑटो से सफर करना पड़ता है। किराया बढ़ने से नियमित आवागमन का खर्च बढ़ जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पढ़ाई के खर्च के साथ परिवहन का खर्च उठाना भी चुनौती बन सकता है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि विद्यार्थियों की इस समस्या के समाधान के लिए केवल घोषणाओं के बजाय व्यावहारिक कदम उठाए जाएं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने की जरूरत है।
NSUI की पांच प्रमुख मांगें
NSUI अध्यक्ष दुर्गेश जायसवाल ने सरकार के सामने पांच मांगें रखी हैं—
- स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क बस सेवा शुरू की जाए।
- बस और ऑटो के बढ़ते किराए से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
- ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए विशेष परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- रियायती किराए और छात्र पास की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए।
- शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की परिवहन संबंधी समस्याओं का संज्ञान लेकर शीघ्र समाधान करे।
सरकार से कार्रवाई की मांग
जायसवाल ने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और किफायती आवागमन उपलब्ध कराना भी शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर राहत देने की अपील की। साथ ही कहा कि NSUI विद्यार्थियों की समस्याओं और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी।
अब सवाल यह है कि विद्यार्थियों के बढ़ते परिवहन खर्च को कम करने के लिए शासन और संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, निःशुल्क बस सेवा और रियायती छात्र पास की मांग के जरिए NSUI ने इस मुद्दे को सामने रखा है।





