3 हजार मानदेय में गुजारा मुश्किल, 15 हजार की मांग पर उतरे 850 कोटवार

कवर्धा में धरना देकर पैदल मार्च निकाला, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; मांगें नहीं मानीं तो रायपुर में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी
कवर्धा। बढ़ती महंगाई के बीच महज 3 हजार रुपए मासिक मानदेय में परिवार चलाने की परेशानी बताते हुए जिले के करीब 850 कोटवारों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कोटवारों ने एक दिवसीय धरना देने के बाद पैदल मार्च निकाला और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मानदेय बढ़ाने सहित चार सूत्रीय मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।
कोटवार संघ के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। कोटवारों का कहना है कि वे लंबे समय से मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिली है।
3 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपए मानदेय की मांग
कोटवार संघ की प्रमुख मांग है कि वर्तमान में मिल रहे 3 हजार रुपए मासिक मानदेय को बढ़ाकर 15 हजार रुपए किया जाए। संघ का कहना है कि महंगाई के दौर में मौजूदा राशि से परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान सहित विभिन्न शासकीय कार्यों में जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

राजस्व विभाग में संविलियन और शहरी क्षेत्रों में नियुक्ति की मांग
मानदेय बढ़ाने के अलावा कोटवारों ने राजस्व विभाग में संविलियन करने और नगर पालिका व नगर निगम क्षेत्रों में कोटवारों की नियुक्ति करने की मांग भी उठाई। संघ ने अपनी चार सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए शासन से ठोस पहल करने की अपील की।
मांगें नहीं मानीं तो रायपुर में प्रदर्शन
कोटवार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर के करीब 16 हजार कोटवारों के साथ राजधानी रायपुर में प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने इस आंदोलन में कोटवारों के परिवारों के सदस्यों के भी शामिल होने की बात कही है।
अब नजर शासन के रुख पर है। मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों पर निर्णय से कोटवारों को राहत मिलती है या आंदोलन प्रदेश स्तर पर आगे बढ़ता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।





