तीन वारदातों का खुलासा, ‘छल्ला गैंग’ चढ़ा पुलिस के हत्थे

कवर्धा। कुकदूर थाना क्षेत्र में फरवरी के महीने में सुनसान रास्तों पर दहशत का साया था। घाटी, नाला और पुल जैसे सुनसान स्थानों को चुनकर राहगीरों को रोका जाता, डंडा दिखाकर डराया जाता और नगदी, मोबाइल व मोटरसाइकिल लूट ली जाती। तीन वारदातों के बाद लोगों में खौफ बढ़ गया था।
7 फरवरी को भुरभुसपानी घाटी के पास एक वाहन चालक से 5 हजार रुपए लूटे गए। 19 फरवरी को दमगढ़-नेऊर मार्ग पर एक युवक को बहाने से बाइक पर बैठाकर सुनसान पुल के पास मारपीट की गई और उसकी मोटरसाइकिल छीन ली गई। 26 फरवरी को कुई-बदना मार्ग के बुडूनरान नाला के पास एक युवक से मोबाइल और नगदी लूटी गई, साथ ही बाइक की चाबी लेकर आरोपी फरार हो गए।
घटनाओं के बाद पीड़ित शुरुआत में सामने आने से डरते रहे। बाद में शिकायत दर्ज होने पर पुलिस ने लगातार दबिश दी, संदिग्धों पर नजर रखी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कड़ियां जोड़ीं। जांच के दौरान 6 युवकों की संलिप्तता सामने आई, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई नगदी, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है। पहचान परेड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपियों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
इलाके में अब पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। लगातार हो रही वारदातों से जो डर का माहौल बना था, वह गिरफ्तारी के बाद कुछ हद तक कम हुआ है। हालांकि स्थानीय लोग मानते हैं कि सुनसान मार्गों पर स्थायी निगरानी जरूरी है, ताकि दोबारा ऐसी घटनाएं न हों।



